ग्वालियर. जच्चाखाना मुरार में एक प्रसूता ने गैलरी में बच्ची को जन्म दिया। हुरावली निवासी लोकमन अपनी पत्नी गीता को प्रसव पीड़ा होने पर तड़के जच्चाखाने मुरार लेकर आया। यहां डॉक्टरों ने उसका चेकअप करने के बाद गैलरी में बैठने के लिए कह दिया। लोकमन ने बताया कि कुछ देर बाद गीता को जब प्रसव पीड़ा तेजी से होने लगी तो उसने इसकी जानकारी जच्चाखाने के स्टाफ को दी, लेकिन किसी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
इसी बीच गीता को प्रसव पीड़ा तेज होने लगी और उसने गैलरी में ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ वहां पहुंचा और जच्चा व बच्ची को लेबर रूम में लिया। जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। लोकमन का कहना है कि वह इसकी शिकायत सिविल सर्जन से करेगा। वहीं थाटीपुर निवासी बलवीर सिंह ने भी डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बलवीर का कहना है कि सुबह वह अपनी पत्नी को लेकर आया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वापस भेज दिया।
इलाज कराना है तो पानी बाहर से लाना पड़ेगा
अस्पताल में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इलाज कराना है तो पीने के लिए पानी बाहर से लाना ही पड़ेगा। यह कहना था रामनरेश का। रामनरेश का मरीज जच्चाखाना मुरार में भर्ती है। जच्चाखाना मुरार की मोटर खराब होने के कारण पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने टैंकर की व्यवस्था तो की है, लेकिन वह नाकाफी है।
जच्चाखाना मुरार इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बना हुआ है।
जच्चाखाना मुरार की बोरिंग खराब होने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। पानी नहीं होने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी। पेयजल संकट को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार गुप्ता ने पानी का टैंकर मंगवा लिया। इसके अलावा मोटर ठीक कराने के आदेश दे दिए। मोटर खराब होने के कारण लोगों को पीने का पानी बाहर से भरकर लाना पड़ रहा है। अस्पताल में साफ-सफाई के लिए भी कर्मचारी बाहर से पानी भरकर ला रहे हैं।
कोर्ट ने मांगा जवाब: डेंटल कॉलेज की जांच के लिए शासन ने किस अधिकार से कमेटी गठित की है। इस संबंध में शासकीय अधिवक्ता शासन से निर्देश लेकर 18 सितंबर को जवाब पेश करे। यह आदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दिए।
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