ग्वालियर. जेएएच के आईसीयू में गुरुवार को मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टर और अटेंडेंट झगड़ गए। मरीज के परिजन का आरोप था कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती और उनके साथ मारपीट की। वहीं जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि मरीज हालत गंभीर थी। उसे बचाने का पूरा प्रयास किया। मरीज के परिजन ने मारपीट और तोड़फोड़ की।
दतिया 29 बटालियन में एएसआई चंद्रशेखर सेन को परिजन दोपहर जेएएच के आईसीयू में लेकर आए। चंद्रशेखर के भतीजे कमल ने बताया कि चंद्रशेखर को सांस लेने में दिक्कत थी। फिर भी डॉक्टर ने ईसीजी के दौरान सांस रोकने को कहा। उन्होंने सांस रोकी और उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने लापरवाही बरती है। इसके बाद चंद्रशेखर के परिजन और जूनियर डॉक्टरों में झगड़ा हो गया। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि मरीज के परिजन ने तोड़फोड़ कर उनके साथ मारपीट की। डॉ. जीजू वर्गिस के हाथ में फ्रेक्चर हो गया। डॉ. दीपांकर लहारिया भी चोटिल हो गए।
चंद्रशेखर की पत्नी अनीता सेन का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही से पति की मौत हुई है। डॉक्टरों ने उनके बेटों व उनके साथ मारपीट की। सूचना मिलते ही कंपू पुलिस चंद्रशेखर के दो परिजन को थाने ले गई। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. जेएस सिकरवार व अन्य डॉक्टर थाने पहुंचे और मृतक के परिजन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
जूडा अध्यक्ष डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने कहा कि जूडा लंबे समय से आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर और लेबर रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा बल बढ़ाने की मांग करता आ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। जूडा पुन: डीन से सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा बल बढ़ाने की मांग करेगा।