(मेडिकल कालेज के जयारोग्य अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में इलाज करने वाले डाक्टर)
ग्वालियर। अंचल में पाए जा रहे स्वाइन-फ्लू मरीजों में इलाज करने वाले डॉक्टरों की संख्या बढ़ती जा रही है। डीआरडीई की जांच रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में स्वाइन-फ्लू के 8 संदिग्ध मरीजों में चार लोगों को स्वाइन-फ्लू होने की पुष्टि हुई है, इनमें से एक डॉक्टर भी है। जबकि स्वाइ-फ्लू से मरने वाली सुमन का प्रसव कराने वाली डॉक्टर को भी स्वाइन-फ्लू होने का संदेह जताया गया है। अंचल में अब तक कुल 11 मरीजों के स्वाइन-फ्लू से प्रभावित होने की पुष्टि की जा चुकी है।
अंचल में इलाज करने वालों को स्वाइन-फलू होने के मामलो में बढ़ोतरी होते जाने से डॉक्टरों में घबराहट फैल रही है। नतीजतन डॉक्टर खुद-ब-खुद अपने सेंपल जांच के लिए भेज रहे हैं। अब तक कुल पांच डॉक्टरों के सेंपल मंगलवार को डीआरडीई लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से एक की पुष्ट हो गई है। इलाज करने वालों के अलावा पैथोलोजिस्ट भी स्वाइन-फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। शहर के मुरार में पैथोलोजी संचालित करने वाले डॉक्टर एस.जैन को स्वाइन-फ्लू होने की पुष्टि हो चुकी है।
जेएएच के कोल्ड-क्लीनिक में बढ़ रहे मरीज
जेएएच की ओपीडी के कमरा नंबर 20 में सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों के लिए डीन डॉ. जीएस पटेल ने सोमवार को कोल्ड-क्लीनिक शुरू किया। इस क्लीनिक में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और ईएनटी के डॉक्टर बैठे। अब तक इस विशेष ओपीडी में करीब 150 मरीजों का पंजीयन किया जा चुका है।
अंचल में अब तक चार मौतें
अंचल में स्वाइन-फ्लू से अब तक सहित चार की मौत हो चुकी है। H1N1 वाइरस से प्रभावित चार में से तीन ग्वालियर के व एक भिंड का मरीज है। जबकि आठ सेंपलों की अभी जांच की जा रही है। सीपी कॉलोनी में रहने वाली डॉ.एस.जैन को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बिड़ला अस्पताल में भर्ती लाली मिश्रा गोला का मंदिर, महेश कबदाल, बिड़ला नगर और भिंड की सुखवीर को स्वाइन-फ्लू की पुष्टि हुई है। अब तक सीएमएचओ ग्वालियर ने 21 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें से 11 को स्वाइन फ्लू हुआ है।
स्वाइन-फ्लू से बचने खांसते व छींकते समय मुंह पर रखें रूमाल
सीएमएचओ डॉ. अनूप कम्ठान ने बताया कि स्वाइन फ्लू संक्रमित बीमारी है। यह वायरस के कारण फैलती है। इससे बचाव ही सुरक्षा का महत्वपूर्ण तरीका है। इसलिए खांसते, छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें। संक्रमण होने पर भीड़-भाड़ से दूर रहें। किसी को छूने से पहले व बाद में साबुन से हाथ धोएं। सामान्य खांसी या जुकाम स्वाइन फ्लू नहीं है। सर्दी, खांसी के साथ तेज बुखार, गले में खराबी और सांस लेने में दिक्कत होना स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं।
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