गोहद/भिंड. डांग पहाड़ पर गिट्टी का अवैध खनन पुलिस के संरक्षण में चल रहा है। अवैध खनन करने वालों के ट्रक तभी निकल पाते हैं, जब वे बीट में तैनात पुलिसकर्मियों से लेकर थानों तक पैसा पहुंचाते हैं। गोहद चौराहा से इटावा तक पड़ने वाले सभी थानों के टीआई और थाना प्रभारियों को हर माह पैसा पहुंचाया जाता है।
यह खुलासा अवैध गिट्टी का परिवहन करने वाले ट्रक चालकों ने गोहद एसडीएम आरसी मिश्रा के सामने किया। बुधवार को एसडीएम एनएच-92 पर गिट्टी से भरे डंपर व ट्रकों पर कार्रवाई कर रहे थे।
गोहद चौराहा के डांग पहाड़ से बिना रॉयल्टी वाले वाहन निकलने की सूचना प्रशासन के पास पहुंच रही थी। इस पर बुधवार को एसडीएम आरसी मिश्रा और तहसीलदार आरके दुबे के साथ हाईवे पर चेकिंग करने पहुंचे। जिस समय एसडीएम ट्रक वालों के दस्तावेज चेक कर रहे थे, तभी उनके गनर ने गिट्टी से भरे डंपर क्रमांक यूपी 82 डी 2201 को रोका।
ट्रक ड्राइवर विनय कुमार (एटा उप्र निवासी) ने गनर को 200 रुपए दे दिए। गनर ने यह बात एसडीएम को बताई। एसडीएम से ड्राइवर बोला सर, मुझे लगा कि थाने का कोई सिपाही खड़ा है, इसलिए रुपए निकालकर देना चाह रहा थ। मैं तो गोहद चौराहा, मेहगांव, बरोही, देहात, कोतवाली, फूफ थाने के पुलिसकर्मियों को 200 से 500 रुपए देकर ही निकल पाता हूं। इसके अलावा इन सभी थानों में मेरे मालिक हर माह पैसा अलग से पहुंचाते हैं।
डांग पहाड़ पर चल रहीं 12 अवैध खदानें: गोहद की डांग पहाड़ की ग्यारह सौ हैक्टेयर जमीन पर वर्ष 2008 से 12 अवैध खदानें चल रही हैं। वर्ष 2009 में गोहद एसडीएम ने इन खदानों पर कार्रवाई की थी, लेकिन उनका रातोंरात ट्रांसफर कर दिया गया था। अवैध उत्खनन के खिलाफ पूर्व कलेक्टर एमसिबि चक्रवर्ती ने भी कार्रवाई को लेकर पहल की थी। जिस दिन कार्रवाई होनी थी, उसी दिन उनका भी ट्रांसफर राजनीतिक दबाव के चलते हो गया था।
दो घंटे बाद पहुंचा थाने का फोर्स
प्रशासनिक अमले ने गिट्टी से भरे डंपरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इससे पहले गोहद चौराहा थाना पुलिस को भी सूचना दी गई, ताकि फोर्स मौके पर पहुंचे, लेकिन थाने की पुलिस दो घंटे बाद आई।