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जमीन गिरवी रखकर बेटों को डाक्टर बनाने वाले पिता पहुंचे जेल में

6 वर्ष पहले
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(एसआईटी की गिरफ्त में डाक्टर बनाने के लिए रुपए देने वाले पिता)
ग्वालियर। गांव में डाक्टर का सम्मान देखकर मुरैना के विजयराम बाजौरिया ने तय किया था, चाहे कुछ भी हो, वे अपने पुत्र अवधेश को डाक्टर बनाकर ही दम लेंगे। इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखी और फसल को बेचा और एक एजेंट के जरिए अवधेश को पीएमटी के जरिए एमबीबीएस में प्रवेश करा दिया, लेकिन इसी प्रयास ने उन्हें जेल पहुंचा दिया। विजयराम अकेले नहीं है, बल्कि व्यापमं मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 50 से ज्यादा ऐसे लोगों को पकड़ा है, जिन्होंने अपना सबकुछ दांव पर लगाकर अपने बेटे को मेडिकल में प्रवेश कराया।
यही नहीं अभी भी एसआईटी दो दर्जन से ज्यादा लोगों को तलाशने में जुटी है।
एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे मेडिकल प्रवेश के फर्जीवाड़े की सूची भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को एसआईटी ने आधा दर्जन ऐसे लोगों को पकड़ा, जिन्होंने अपनी जमीन और फसल बेचकर अपने पुत्रों को डाक्टर बनाने का प्रयास किया। जब मामले की जांच हुई तो पुत्र तो जेल में पहुंचे ही और अब पिता को एसआईटी पकड़ने में जुटी है। धार निवासी रूप सिंह ने भी अपने बेटे राजेन्द्र को भी डाक्टर बनाने के लिए अपनी जमीन बेची थी। अब वे एसआईटी गिरफ्त में हैं।

एसआईटी ने चंबल अंचल से जिन लोगो को व्यापमं घोटाले में पकड़ा है, उन सभी लोगों ने अपनी फसल बेचकर या जमीनें गिरवी रखकर धन का इंतजाम किया। यह धन उन एजेंटों को दिया गया, जो रुपए लेकर सॉल्वर उपलब्ध कराते थे। ये सॉल्वर वास्तविक छात्र के स्थान पर पीएमटी की परीक्षा देते थे। चूंकि व्यापमं घोटाले से जुड़े हुए सभी एजेंट व छात्र लगातार पकड़े जा रहे हैं।