ग्वालियर. जबलपुर में 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर के मयूर मार्केट स्थित तीन मंजिला बंगले में शनिवार को उसका भाई गुटखा बेचता मिला। लोकायुक्त ने इस बंगले की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आंकी है। लोकायुक्त ने इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज किया है।
जबलपुर में 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए इंजीनियर विवेक पालवे का मुरार की मयूर मार्केट में तीन मंजिला बंगला है। इसके नीचे बनी दुकान पर इंजीनियर पालवे के भाई आशीष को गुटखा बेचते लोकायुक्त ने पकड़ा है।
इंजीनियर के इस मकान पर लोकायुक्त डीएसपी सुरेंद्र राय शर्मा, इंस्पेक्टर राजीव गुप्ता, अतुल सिंह व नरेंद्र त्रिपाठी ने छापा मार कार्रवाई की। इंजीनियर के भाई की मौजूदगी में टीम ने पूरे बंगले की तलाशी ली। ऊपरी मंजिल के कमरे बंद थे। नीचे के कमरों से 1.30 लाख रुपए का सामान बरामद किया।
बैंक खाते में 24 लाख
इंजीनियर विवेक के चार बैंक खाते हैं। इनमें से एक खाता मुरार एसबीआई से छिंदवाड़ा बैंक में ट्रांसफर कराया गया। इस खाते में 24 लाख रुपए मिले हैं। तीन अन्य खातों व लॉकर की भी जांच चल रही है। जबलपुर स्थित घर से 1.85 लाख रुपए नगद भी मिले हैं।
चूंकि विवेक पीडब्ल्यूडी में 1992 बैच के इंजीनियर हैं। 22 वर्ष की नौकरी में वेतन से उनकी आय लगभग 28 लाख रुपए होती है। जबकि संपत्ति करोड़ों की मिल चुकी है। जांच अभी चल रही है।