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डाउनलोड करेंमुरैना। श्योपुर जिले के कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल पर यौनशोषण के आरोप लगाने वाली डाटा एंट्री ऑपरेटर शबनम मामले में नया मोड़ आ गया है। श्योपुर जिले के पूर्व कलेक्टर और शबनम के पति डॉ. सुहेल अख्तर ने नगर पालिका को लिखे एक पत्र में कहा है कि वह शबनम के छह साल के बेटे के पिता नहीं है इसलिए उसके जन्म प्रमाण पत्र से पिता के रूप में उनका नाम हटा दें।
दो मई को श्योपुर नगरपालिका के सीएमओ को भेजे गए पत्र में डॉ अख्तर ने कहा कि साल १९९८ में जेएन हॉस्पिटल इंफाल में मैंने नसबंदी कराई थी, जबकि अल्फेज का जन्म २००७ में हुआ। २६ दिसंबर २००७ को जारी जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे की मां का नाम शबनम और पिता के रूप में सुहेल अख्तर दर्ज है। चूंकि बच्चे का जन्म नसबंदी के कई साल बाद हुआ ऐसे में इस बच्चे का पिता मैं नहीं हो सकता हूं।
इसलिए पिता के रूप में अल्फेज के जन्म प्रमाण पत्र से मेरा नाम हटाया जाए। डॉ अख्तर ने पत्र के साथ मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी भी भेजी है। गौरतलब है कि जुलाई २००१ से मई २००२ तक श्योपुर कलेक्टर रहे आईएएस अफसर डॉ सुहेल फिलहाल मणिपुर में पदस्थ हैं। यहीं कलेक्टर रहते हुए उन्होंने शबनम से निकाह किया। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि डॉ अख्तर और शबनम के बीच तलाक हो गया है। जबकि शबनम तलाक की बातों को खारिज करती आ रही हैं।
डॉ. अख्तर ने मुझे धोखा दिया : शबनम श्योपुर जिले के विजयपुर तहसील में पदस्थ शबनम खान ने कि डॉ अख्तर का पत्र कलेक्टर ज्ञानेश्वर पाटिल के षडयंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डॉ अख्तर ने अगर नसबंदी ऑपरेशन करा लिया था तो निकाह कर मुझे धोखा क्यों दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई शादी से पहले नसबंदी कराता है। उल्लेखनीय है कि शबनम ने श्योपुर के वर्तमान कलेक्टर ज्ञानेश्वर पर जबरन यौनशोषण का दबाव बनाने के आरोप की शिकायत करके मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और राज्य महिला आयोग से जांच की मांग की है।
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