ग्वालियर. जीवाजी यूनिवर्सिटी में नैक की टीम 4 जनवरी को आएगी और 7 जनवरी तक (चार दिन) निरीक्षण करने के बाद यूनिवर्सिटी की ग्रेड तय करेगी। टीम के आने की तारीख तय होने के बाद जेयू प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने टंडन सभागार में विभागाध्यक्षों की बैठक में निर्देश दिए कि 24 दिसंबर से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें। नैक की टीम 2001 के बाद जेयू में निरीक्षण करने आ रही है।
नैक टीम के निरीक्षण को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन गंभीर है। जेयू ने अपनी तैयारियां करते हुए डेढ़ दर्जन कमेटियां बनाई हैं। कुलपति ने टंडन सभागार में विभागाध्यक्षों की बैठक कर विभागों में हो रहे कामकाज की जानकारी ली। कुलपति ने निर्देश दिए हैं कि विभागों में जो भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें 24 दिसंबर से पहले पूरा कर लें। यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस, हॉस्टल के साथ क्लास रूम सहित सभी 34 विभागों में तैयारियां जोरों पर हैं। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने बताया कि चार जनवरी से होने वाले नैक टीम के निरीक्षण को लेकर तैयारियां 24 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद मॉनीटरिंग की जाएगी।
अवकाश के दिन भी किया काम: नैक कमेटी के निरीक्षण के मद्देनजर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शुक्रवार और शनिवार का अवकाश पहले ही निरस्त कर दिया है। शुक्रवार को स्थानीय अवकाश होने के बाद भी यूनिवर्सिटी में रोज की तरह कामकाज हुआ।
जल्द से जल्द पूरा करें काम: कुलपति
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने रिसर्च कमेटी की शुक्रवार की शाम बैठक लेकर इनवायरमेंट पॉलिसी, रिसर्च पॉलिसी और एथिक्स पॉलिसी पर चर्चा की। कुलपति ने बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द अपना काम पूरा करें।
60 फीसदी काम पूरा: कुलपति की मानें तो अब तक 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष 40 प्रतिशत काम 24 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मॉनीटरिंग की जाएगी।
टीम 32 बिंदुओं के आधार पर करेगी निरीक्षण
नैक की टीम 4 जनवरी से 32 बिंदुओं को लेकर चार दिन तक जेयू की व्यवस्थाअों का निरीक्षण करेगी। टीम ने 32 बिंदुओं के कुल 1000 अंक निर्धारित किए हैं। सबसे अधिक सौ अंक रिसर्च पब्लिकेशन एंड अवार्ड के हैं। कैरुकलम डिजाइन एंड डवलपमेंट, एकेडमिक फ्लेग्जिबिलिटी, टीचिंग लर्निंग प्रोसेस, टीचर क्वालिटी के 50-50 अंक निर्धारित हैं। इसके अलावा अन्य बिंदुओं के भी अलग-अलग अंक हैं। नैक की टीम अंक देकर यूनिवर्सिटी का ग्रेड तय करेगी। ग्रेड के अनुसार ही यूनिवर्सिटी को अनुदान मिलेगा। साथ ही यूनिवर्सिटी की साख का निर्धारण होता है।