(मेले में अंतिम रविवार को पहुंचे हजारों लोग)
फोटोः रवि उपाध्याय
ग्वालियर। हर वर्ष की तरह इस बार की मेला कई यादें लिए विदा हो गया और फिर दे गया खट्टी-मिट्टी यादें, जो अब अगले वर्ष फिर से ताजा होंगी। करीब 45 दिन चले इस मेले में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन बच्चों के साथ बुर्जुगों और कारोबारियों ने भी इसे पसंद किया।
रविवार 8 फरवरी को मेले का आखिरी दिन था और इसके कारण लोगों ने मेले पहुंचकर जमकर धमाल किया। बच्चों को केवल झूलों में झूलने का मौका चाहिए था और कुछ खाने को और उनके माता-पिता ने भी इच्छा पूरी की। अब यह मौका अगले वर्ष ही मिल पाएगा।
इस बार व्यापार मेले ने करीब 140 करोड़ रुपए का कारोबार किया। हालांकि इस कारोबार से आमजन को ज्यादा कुछ नहीं लेना-देना, लेकिन इस बार कारोबारियों ने थोड़ी परेशानियों का सामना जरूर किया। सबसे पहले तो मेले के दौरान कई बार बारिश हुई, जिससे करीब दस दिन मेले में लोगों की आवक कम रही। इसके बाद उद्योग विभाग ने सख्त निर्देश दे रखे थे कि मेला केवल 31 जनवरी तक ही लगेगा। वैसे बाद में इस मेले की अवधि 7 फरवरी तक कर दी। इसके कारण रविवार को मेले का दिन था और आखिरी दिन मेले में जमकर भीड़ जुटी।
आगे देखिए मेले से जुड़ी कुछ तसवीरें..............