पुलिस गिरफ्त में लांस नायक सुभाष बारोलिया (बीच में)
ग्वालियर। बिजौली में जीजा-साले की हत्या का षड्यंत्र रचने के मामले में पुलिस ने 43 आर्म्स ब्रिगेड के लांस नायक सुभाष बारोलिया को गिरफ्तार किया है। सुभाष डेढ़ साल पहले छुट्टी पर आया था तब उसके चचेरे भाई की हत्या कर दी गई थी। लांस नायक उस समय अपनी लाइसेंसी रायफल अपने पिता को यह कहकर दे गया था कि इस रायफल से वह भाई की हत्या का बदला ले लें। इसके बाद हत्या का षड्यंत्र रचा गया लांस नायक के भाई ने उसकी बंदूक का उपयोग हत्या की वारदात में किया और उसके बाद लांस नायक के पास पहुंचा दी। पुलिस अब हत्या में उपयोग की गई बंदूक बरामद करेगी।
बिजौली-
सोनी रोड पर बीते 28 दिसंबर की शाम को राजेंद्र सिंह राणा निवासी ग्राम गुर्री तथा साले प्रीतम सिंह निवासी बिजौली को घेरकर इनके ऊपर फायरिंग की गई थी। हमले में जीजा-साले की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में सरपंच पति महेश बारौलिया के साथ दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस अब तक महेश बारोलिया, इसके बेटे बंटी उर्फ राकेश उर्फ राजेश बारोलिया, बंटा उर्फ नरेंद्र शर्मा, राजेश कटारे तथा रामनिवास शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है।
भाई की हत्या का बदला जरूर लेना
महेश ने पूछताछ के दौरान बताया था कि हत्या के 315 बोर की रायफल उसके बेटे सुभाष की थी। सुभाष पटियाला में 43 आमर्स ब्रिगेड में में लांस नायक पद पर पदस्थ है। उसके चचेरे भाई भाई अवध बिहारी की हत्या कर दी गई थी। भाईकी हत्या का बदला लेने सुभाष अपनी लाइसेंसी रायफल पिता को दे गया था साथ ही यह भी कह गया था कि चचेरे भाई अवध बिहारी की हत्या का बदला जरूर लें और जरूरत पड़े तो इस लाइसेंसी बंदूक का उपयोग कर लेगा।
हत्या की वारदात में सुभाष के भाई बंटी ने रायफल का उपयोग किया और इसके बाद 6 जनवरी को यह रायफल सुभाष के पास पटियाला में पहुंचा दी। सुभाष ने रायफल कंपनी शस्त्रागार में जमा करा दी। पुलिस की गिर्फ्त में आने के बाद सुभाष ने षड्यंत्र में अपनी हिस्सेदारी स्वीकार कर ली है। पुलिस अब रायफल बरामद करने के लिए पटियाला जाएगी।
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