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कभी किसी से डिमांंड मत करो, कमांड करना सीखो : सोलंकी

7 वर्ष पहले
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(हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का रविवार को बाल भवन में नागरिक अभिनंदन करतीं महापौर समीक्षा गुप्ता। साथ में हैं उनकी धर्मपत्नी रानी सोलंकी, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।)
ग्वालियर. कभी किसी से डिमांंड मत करो, कमांड करना सीखो। भाग्य से ज्यादा, समय से पहले किसी को कुछ नहीं मिलता है। इसलिए ज्यादा पाने के लिए मत तड़पो। कर्म करो आैर इंतजार करो। यह बात हरियाणा के राज्यपाल आैर ग्वालियर -चंबल की धरती से जुड़े प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने रविवार को बालभवन में नगर निगम की आेर से आयोजित अपने नागरिक अभिनंदन समारोह में कही।
उन्होंने कहा- आपका यह समारोह मेरे लिए अनूठा है। इससे पहले मेरा ऐसा अभिनंदन कभी नहीं हुआ। हालांकि मुझे अपने अभिनंदन से उतना सुख नहीं मिलता है जितना उन कार्यकर्ताआें के अभिनंदन पर मिलता है, जिन्हें मैंंने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह अभिनंदन मेरा नहीं, बल्कि उन कार्यों की कार्यशैली का है, जो मेरे माध्यम से हुए हैं। इस मौके पर उनकी धर्म पत्नी रानी सोलंकी भी साथ थी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की।

मेरा जीवन विरोधाभास से भरा
प्रो. सोलंकी ने कहा-मेरा जीवन विरोधाभास से भरा रहा है। लेकिन विरोधभासों से कभी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि इनके माध्यम से भगवान आपकी परीक्षा लेता है। अगर आप परीक्षा में सफल हो जाते हैं तो आपको वह सब मिल जाता है, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मैंने जो सोचा भी नहीं था, वह हो गया। आैर अभी तो आैर भी बहुत कुछ हो सकता है।
उन्होंने अपने जीवन के टर्निंग प्वाइंट के लिए वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मामा माणिकचंद्र वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वही मुझे भिंड से ग्वालियर लेकर आये। प्रो. सोलंकी ने पर्स, पर्सनालिटी, पार्टी आैर फिलॉसफी, इन चारों की विशेषताएं बताने के साथ ही चारों में समन्वय बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन चारों में समन्वय के सिद्ध‌ांत को अपनाये बिना लोकतंत्र पाखंड बन जायेगा।
दूसरी बार में 52 फीसदी अंक मिले
श्री सोलंकी ने कहा कि स्कूली शिक्षक से प्रोफेसर बनने के लिए अंग्रेजी में एमए किया तो पहली बार 46 प्रतिशत अंक मिले। जबकि नौकरी के लिए 48 प्रतिशत की जरूरत थी। तब शिक्षक की नौकरी छोड़ रेग्युलर एडमिशन लिया और पढ़कर 52 प्रतिशत अंक हासिल किए।
कुशल संगठक और प्रशासक हैं प्रो. सोलंकी: तोमर
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रो. सोलंकी का व्यक्तित्व हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने समय-समय पर विभिन्न भूमिकाआें को बखूबी निर्वाह किया है। आप कुशल संगठक आैर प्रशासक रहे हैं। आजादी के बाद ग्वालियर के इतिहास में यह पहला मौका है जब हम इस धरती पर अपने अंचल से पहले राज्यपाल बने प्रो. सोलंकी का नागरिक अभिनंदन कर रहे हैं। महापौर समीक्षा गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। सम्मान पत्र का वाचन वरिष्ठ पत्रकार लोेकेंद्र पाराशर ने किया।
इस अवसर पर सांंसद अनूप मिश्रा, डॉ. भागीरथ प्रसाद, महिला एवं बाल विकास मंत्री माया सिंह, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य, विधायक जयभान सिंह पवैया, नारायण सिंह, घनश्याम पिरोनिया, भारतसिंह कुशवाह, सत्यपाल सिंह सिकरवार, वेदप्रकाश शर्मा, अभय चौधरी, बृजेंद्र सिंह जादौन, विवेक शेजवलकर, भारतभूषण भार्गव, दंदरौआ धाम के संत रामदास महाराज, संत कृपाल सिंह, शहरकाजी अब्दुल हमीद कादरी, संत रमेशलाल, ढोलीबुआ महाराज मंच पर मौजूद थे।
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