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पीएमटी फर्जीवाड़ा: अतिबल की गिरफ्तारी के लिए मांगी निगम से मदद

6 वर्ष पहले
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ग्वालियर. जीआरएमसी में अपने बेटे काे फर्जी तरीके से प्रवेश दिलाने वाले नगर निगम के इंजीनियर अतिबल सिंह की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के प्रभारी वीरेंद्र जैन ने निगम आयुक्त अजय गुप्ता को पत्र लिखकर मदद मांगी है।
पत्र मिलने के बाद निगम ने अतिबल सिंह को सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसआईटी ने अतिबल की तलाश में इटावा (यूपी) में दबिश दी है। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

पीएमटी फर्जीवाड़ा जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि निगम इंजीनियर ने बेटे अरुण के लिए सॉल्वर की तलाश आैर रुपए का इंतजाम किया था। इसके बाद से पुलिस अतिबल को तलाश रही है।
तीन दिन पहले एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने तीन हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया। लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने इटावा में दबिश दी। यहां पर अतिबल का पारिवारिक कारोबार है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल के जरिये लोकेशन तलाशने की कोशिश कर रही है। लेकिन मोबाइल फोन भी बंद है।
सस्पेंड का प्रस्ताव भेजेंगे
एसआईटी प्रभारी एएसपी वीरेंद्र जैन के पत्र के बाद नगर निगम आयुक्त अजय गुप्ता ने अतिबल को सस्पेंड करने का प्रस्ताव मेयर इन काउंसिल को भेजने की तैयारी कर ली है।

पक्षपात के आरोपों से दबाव में हैं एसआईटी
एसआईटी पर घोटाले के आरोपियों की गिरफ्तारी में पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं। कहा जा रहा है कि एसआईटी सिर्फ ऐसे लोगों को पकड़ रही है, जो रसूखदार नहीं हैं। अतिबल को आरोपी घोषित किए जाने के बाद भी कुछ समय बाद तक इसके ऑफिस में आते रहने की चर्चा रही थी। लेकिन इसे तब गिरफ्तार नहीं किया गया। अब एसआईटी को 15 मार्च तक सारे आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम मिला है। बताया जा रहा है कि इससे एसआईटी दबाव में है।