मुरैना। 26 जनवरी को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा था तब अम्बाह जनपद की ग्राम पंचायत पुरावस कलॉ में बंचित समुदाय की बस्ती में चूल्हे नहीं जले। यहां के लोगों ने पूरे दिन का उपवास रखा। उपवास के पीछे वजह प्रशासन की अनदेखी बताई जा रही है। बस्ती के लोगों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें 12 दिन से ये नहीं बताया कि प्रस्तावित मिडिल स्कूल बंचित समुदाय की बस्ती के पास क्यों नहीं बन सकता।
पुरावस कलॉ की सरपंच बादामी देवी ने प्रशसान को सत्याग्रह की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सवाल का जवाब नहीं मिलता तो यह माना जाएगा कि प्रशासन भी ऊंच-नीच की भावना से ग्रस्त होकर निर्णय लेता है। जबकि ऐसा करना भारत के संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। जिसके 17वें अनुच्छेद में सामाजिक भेदभाव के उन्मूलन की घोषणा की गई है। प्रशासन के इस संविधान विरोधी रवैये से लड़ने के लिए 26 जनवरी को पुरावस कलॉ में बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 'सामाजिक समरसत्ता मंच' का गठन किया है। यह मंच अब सत्याग्रह की आगे की रणनीति तय करेगा।जिसके तहत पदयात्रा व विचार गोष्ठियों के जरिए जन जागरण किया जाएगा।