(विक्रम महल)
ग्वालियर. पर्यटन के लिहाज से प्रदेशभर में ग्वालियर सबसे समृद्ध शहर है। यह एक मात्र ऐसा शहर है जहां हेरिटेज के साथ ईको टूरिज्म और वाइल्ड लाइफ मौजूद है। यदि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा हम मुहैया करा देते हैं, तो यहां भी राजस्थान की तरह टूरिस्ट की संख्या बढ़ जाएगी। इसके लिए जरूरी है शहर में मौजूद टूरिस्ट प्लेस और यहां होने वाले उत्सव का प्रचार-प्रसार बेहतर तरीके से होना। साथ ही लोकल टूरिस्ट प्लेस को देखकर टूर पैकेज डिजाइन करने की।
इससे यहां देशी के साथ विदेशी टूरिस्ट की संख्या बढ़ सकेगी। पिछले तीन वर्ष में विदेशी टूरिस्टों की संख्या में तेजी से कमी आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर एयर कन्टेक्टविटी नहीं होना है। इसके अलावा तीन वर्ष से निरंतर तानसेन समारोह की डेट और स्थान में भी बदलाव होना है। इस कारण जो टूरिस्ट यहां समारोह देखने के लिए आते थे, उनकी भी संख्या में कमी हुई है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि शहर में टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन, राजनीतिक और खुद के स्तर पर प्रयास करने होंगे।
इन सुविधाओं को करना होगा बेहतर
सुरक्षा: शहर के साथ आसपास टूरिस्ट प्लेस पर आने वाले सैलानी इसलिए नहीं जाना चाहते हैं क्योंकि यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है।
बजट होटल-रेस्टोरेंट: शहर के टूरिस्ट प्लेस के पास बजट होटल और रेस्टोरेंट की कमी है।
टूर एंजेंसी से जुड़ाव: शहर के लोकल टूर ऑपरेटर को टूर एंजेंसी से जुड़ना होगा।
कैब सुविधा: शहर के प्रमुख स्थानों के लिए स्पेशल टूर कैब की सुविधा शुरू की जाए।
शहर की खूबियां
- हैरिटेज के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ और ईकोटूरिज्म।
- दिल्ली, मुंबई, जयपुर, आगरा, खजुराहो जैसे शहरों से कनेक्टिविटी।
- स्थापत्य के लिहाज से महत्वपूर्ण इसमें इंडो ग्रीक, इंडो ब्रिटिश शैली की इमारतें।
- सद्भावना का प्रतीक शहर। फूलबाग पर मोती मस्जिद, गोपाल मंदिर और गुरुद्वारा मौजूद।
- महाभारत, मुगलकाल और राजपूत काल की शैलियों के हेरिटेज बिल्डिंग।
ये बन सकते हैं नए टूर सर्किट
- ग्वालियर से गोहद, अटेर और चंबल सफारी जोड़ कर नया टूरिस्ट सर्किट बन सकता है। इससे खजुराहो से आने वाला पर्यटक ये सब देखकर आगरा निकल जाए।
- दूसरा सर्किट ग्वालियर का तिघरा, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर बनाया जाए। श्योपुर में कूनो सेंक्चुरी और राजस्थान का रणथम्भौर भी इस पैकेज से जोड़ा जाए। इससे पर्यटक जयपुर से सीधा वाइल्ड लाइफ के लिए शिवपुरी तक आएगा।
- नैरोगेज ट्रेन को जयपुर की तरह पैलेस ऑन व्हील की तर्ज पर सिर्फ टूरिस्टों के लिए चलाई जाए। इसे ग्वालियर से श्योपुर की जगह इसे राजस्थान से जोड़ा जाना चाहिए।
- महाराजा एक्सप्रेस का स्टे शहर में एक दिन की बजाय दो दिन किया जाए। इससे यहां आने वाले टूरिस्ट एक दिन ग्वालियर और दूसरे दिन शहर के आसपास के स्थानों को देख सकें।
- मैट्रो सिटी के बड़े टूर ऑपरेटर्स को शहर में लाकर यहां की खासियत बताई जाए। ताकि वह अपने शहरों में आने वाले टूरिस्टों को यहां के बारे में बता सकें।
- जो लाइसेंसी गाइड हैं वे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें और साइट अपडेट करते रहें।
इनको रेनोवेशन की है जरूरत
विक्रम महल: राजा मानसिंह तोमर के बाद उनके पुत्र विक्रमादित्य ने सन् 1516 में इसका निर्माण कराया। 212 फीट में फैले इस महल में 12 दरवाजेयुक्त बारादरी है। महल के अंदर एक खुला बरामदा है।
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