• Hindi News
  • If Son Not Corrected Dear Mum Sent Him Back To Jail

बेटा नहीं सुधरा तो मां ने फिर जेल भिजवाया

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

ग्वालियर। बेटे की नशे की आदत से परेशान एक मां ने न्यायालय में दी उसकी जमानत वापस ले ली। इसके साथ ही बेटे को जेल भेज दिया गया। जमानत की अर्जी वापस लेते ही बेटा अपनी मां के पैरों से लिपटकर रोने लगा, लेकिन आए दिन होने वाले विवाद और खुद के साथ होने वाली मारपीट के कारण मां का दिल नहीं पसीजा। मामला प्रथम अपर जिला न्यायाधीश के तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लक्ष्मी शर्मा की अदालत का है।

घासमंडी निवासी 21 वर्षीय रॉकी नशे का आदी है। नशा करने के बाद वह न सिर्फ अपने परिजन के साथ मारपीट करता है बल्कि नशे के लिए पैसा न देने पर खुद को घर में बंद करके फांसी लगाने का नाटक भी करता है। हत्या के प्रयास के एक मामले में रॉकी आरोपी था। इसमें उसकी मां हेमलता ने उसकी जमानत देकर उसे रिहा करा दिया। रॉकी घर तो आ गया, लेकिन उसने फिर अपने माता-पिता के साथ अभद्रता करना शुरू कर दी।

लगातार होने वाले विवादों से परेशान होकर हेमलता ने अदालत में जमानत वापस लेने की अर्जी दी। न्यायालय ने अर्जी स्वीकार कर रॉकी को जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस उसे कोर्ट से बाहर ले आई। बाहर आकर रॉकी मां से माफी मांगते हुए जमानत देने की गुहार करता रहा किंतु मां उसकी आदत समझती थी। उसे बेटे से लगाव तो है लेकिन वह चाहती है कि उसकी आदत में सुधार हो। संभव है जेल में रहने पर उसकी नशे की लत छूट जाए और सुधार आ जाए।