पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नया मास्टर प्लान लागू: छोटे प्लॉट पर नहीं मिलेगी जी प्लस थ्री की मंजूरी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ग्वालियर. नए मास्टर प्लान के कारण भवन निर्माण अनुमति के नियम बदल गए हैं। अब प्लाट साइज 4 हजार 359 वर्ग फीट या इससे ज्यादा होने पर ही जी प्लस थ्री बिल्डिंग निर्माण की अनुमति मिलेगी। इससे छोटे प्लाट पर जी प्लस टू तक ही निर्माण किया जा सकेगा।
इतना ही नहीं नए प्लान के तहत शहर की सभी मेन रोड की संपत्तियों का कॉमर्शियल उपयोग करने की अनुमति मिल सकेगी। साथ ही मध्य क्षेत्र जिसमें महाराज बाड़ा और उसके आस-पास के सभी क्षेत्र शामिल हैं, में पार्किंग के लिए तलघर बनाने की अनुमति भी दी जाएगी।
आवासीय योजनाओं में प्लाट खरीदने वाले लोगों को नए नियमों का नुकसान उठाना पड़ेगा। निर्माण अनुमति के नए नियमों के कारण अब कॉलोनियों के सामान्य प्लाट पर चार मंजिला इमारतें नहीं बन पाएंगी। इसका असर निगम में आने वाली निर्माण अनुमतियों पर भी पड़ रहा है। यहां हर माह लगभग 50 निर्माण अनुमतियों के आवेदन आते थे, इनकी संख्या घटकर 12 से 15 रह गई है।
एफएआर बढ़ाया, लेकिन हाइट नहीं
नए प्लान में 2325 से 4359 वर्ग फीट तक के प्लाॅट पर एफएआर 1.25 से बढ़ाकर 1.50 किया गया है। लेकिन निर्माण कराने वाले संपत्ति स्वामी इस बढ़े हुए एफएआर का लाभ नहीं ले पाएंगे। नियमों में एफएआर तो बढ़ाया गया है, लेकिन इस क्षेत्र पर निर्मित होने वाली इमारतों को जी प्लस टू की अनुमति ही दी जाएगी, जिसकी हाइट नौ मीटर तक ही मान्य है। ऐसे में ऊंचाई का लाभ न मिलने के कारण भवन स्वामी बढ़े हुए एफएआर का उपयोग नहीं कर पाएगा।

एफएआर के अनुसार मंजूरी
एफएआर या फ्लोर एरिया रेशो से किसी भी प्लाट पर किए जाने वाले निर्माण का क्षेत्र तय होता है। सामान्यतः शहर की अधिकतर संपत्तियों के लिए 1.25 एफएआर की निर्माण अनुमति दी जाती है। उदाहरण के लिए एक हजार वर्ग फुट के प्लाट पर 1.25 एफएआर के हिसाब से 1250 वर्गफीट का ही निर्माण किया जा सकता है।

मेन रोड की प्रॉपर्टी कॉमर्शियल
शहर की सभी मेन रोड पर स्थित संपत्तियों का कॉमर्शियल इस्तेमाल किया जा सकेगी। मुख्य बाजारों की रोड के अलावा इसमें सिंधिया कन्या विद्यालय रोड, गोला का मंदिर क्षेत्र, सिटी सेंटर मेन रोड, गोविंदपुरी रोड आदि को भी शामिल किया गया है। अब तक इन रोड पर कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति नहीं दी जाती थी। इन रोड पर स्थित संपत्तियों का इस्तेमाल दुकान, शोरूम या होटल आदि के लिए किया जा सकेगा।