पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पकड़े जाने पर मामूली जुर्माना भरो और खूब करो मिलावट!

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चचिहा स्थित एक डेयरी से तीसरी बार सैंपल लिया गया । दो बार इसके सैंपल फेल हो चुके हैं।
मुरैना. केमिकल, यूरिया और डिटर्जेंट जैसे खतरनाक रसायनों से तैयार मिलावटी दूध बेचकर खूब मुनाफा कमाओ और पकड़े जाने पर मामूली जुर्माना भर दो। जी हां, मुरैना जिले में प्रशासन की इस मेहरबानी का मिलावटखोर जमकर फायदा उठा रहे हैं। क्योंकि पकड़े जाने पर उन्हें मामूली जुर्माना लेकर छोड़ दिया जाता है। केवल यही नहीं, बल्कि जिन कारोबारियों के यहां से लिए गए दूध के सैंपल दूसरी और तीसरी बार भी फेल हो चुके हैं, उन पर भी दोगुने के नाम पर बहुत कम जुर्माना लगाया गया। जिले में अब तक सामने आए अधिकतर मामलों में पहली बार सैंपल फेल होने पर केवल पांच हजार रुपए का जुर्माना ही किया गया, जबकि एडीएम को सीधे अधिकतम पांच लाख का जुर्माना करने और दूसरी बार सैंपल फेल होने पर दाेगुना जुर्माना करने का अधिकार है।

डेयरी वालों पर अफसर ऐसे मेहरबान
पहली बार सैंपल फेल होने पर अधिकतम पांच लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन ज्यादातर दूध कारोबारियों पर केवल पांच हजार का जुर्माना किया गया।
दूसरी बार सैंपल फेल होने पर दाेगुने जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन पहली बार में ही न्यूनतम पांच हजार का जुर्माना करते हैं तो दूसरी बार में उसका डबल सिर्फ दस हजार ही होता है।
जिन पर जुर्माना हो भी जाता है, अव्वल तो वे जमा ही नहीं करते। या फिर कोर्ट में अपील कर देते हैं।
सैंपल फेल लेकिन न लाइसेंस निरस्त न कारोबार बंद
1. कैलारस में अनूप गुप्ता की श्रीराम डेयरी से 25 अप्रैल 2012 व आठ मई 2014 को सैंपल भरे गए। दोनों सैंपल सब स्टैंडर्ड निकले। दोनों बार 5-5 हजार रुपए का जुर्माना हुआ। केस एडीएम कोर्ट में पेंडिंग है।
2. कैलारस के दामोदर गुप्ता के दुग्ध प्रतिष्ठान से 21 दिसंबर 2011 व 22 सितंबर 2012 को दूध के सैंपल भरे गए। दोनों ही सैंपल फेल हुए। पहली बार सैंपल फेल होने पर पांच हजार व दूसरी बार में तीस हजार का जुर्माना लगाया।
3. सबलगढ़ में संतर नंबर-तीन स्थित महेश चंद्र गुप्ता की डेयरी से 20 अक्टूबर 2011 को सैंपल भरा। सैंपल फेल होने पर पांच हजार का जुर्माना हुआ। दूसरी बार भी सैंपल फेल हुआ। केस एडीएम कोर्ट में चल रहा है।
5. सबलगढ़ में जयप्रकाश बंसल की डेयरी से 9 नवंबर 2011 को सैंपल भरा। सैंपल सबस्टैंडर्ड निकला। 5000 का जुर्माना हुआ। इसके बाद दोबारा सैंपल लिया। फेल होने पर 15 हजार का जुर्माना हुआ।
6. सबलगढ़ में बंटी जादौन की डेयरी से 24 अप्रैल 2013 को सैंपल भरा। इसके बाद एक बार और सैंपल लिया। दोनों ही सैंपल फेल। सिर्फ पांच हजार का जुर्माना।
7. मांगीलाल सविता की डेयरी से 20 अक्टूबर 2013 को सैंपल भरा। दूसरी बार भी सैंपल भरा। फेल निकला। सिर्फ पांच हजार का जुर्माना हुआ।
8. चचिहा स्थित मनोज जादौन की डेयरी से 10 अक्टूबर 2012, 17 मार्च 2013 व 10 सितंबर 2014 को सैंपल भरे गए। शुरूआती दो सैंपल फेल हो गए। तीसरी बार की रिपोर्ट आनी बाकी है। खासबात यह है कि दो बार सैंपल होने के बाद भी दो साल में कोई जुर्माना नहीं हुआ।
9. एबी रोड स्थित किशन मोदी की डेयरी के दो बार सैंपल फेल हो चुके हैं। चूंकि दो बार सैंपल फेल होने पर लाइसेंस निरस्त होने का प्रावधान है। इसलिए उसने एबी रोड की डेयरी बंद कर महाराजपुरा में दूसरी डेयरी खोल ली है।
मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई होगी
जिले में दूध की सैंपलिंग लगातार कराई जा रही है, जिन डेयरी वालों के एक से अधिक बार सैंपल हुए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विवेक सिंह, एडीएम जिला मुरैना