ग्वालियर. पीएमटी फर्जीवाड़े में एसएसपी ने सोमवार को 20 आरोपियों की गिरफ्तारी पर 3-3 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। इन आरोपियों में नगर निगम के पूर्व कार्यपालन यंत्री अतिबल सिंह का नाम भी शामिल है। सोमवार को एसआईटी ने एक फर्जी मेडिकल छात्र व छह आरोपी छात्रों के पिताओं को भी गिरफ्तार किया है।
उधर एक लेडी सॉल्वर की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी टीम सॉल्वर मनीषा की तलाश में अलीगढ़ रवाना हो गई। मोनिका व प्रियंका के स्थान पर पकड़ी गई लेडी सॉल्वर बैठने का खुलासा डॉ. दीपक ने जुलाई 2014 में पकड़े जाने के बाद ही कर दिया था।
पीएमटी फर्जीवाड़ा के इनामी आरोपियों में अधिकांश भिंड व मुरैना के हैं। अारोपियों में शामिल निगम अधिकारी डॉ. अतिबल सिंह यादव ने अपने बेटे अरुण का फर्जी तरीके से सेलेक्शन कराया था। आरोपियों में फर्जी छात्र, उनके पिता व दलाल शामिल हैं।
आरोपी छात्रों के पिता भी गिरफ्तार: एसआईटी ने छात्र संतोष बडोले के पिता कालू सिंह, राजेंद्र वास्कले के पिता रूप सिंह, टिटिया सिंघाड़िया के पिता जालिया सिंघाड़िया, नितिन बालको के पिता शंकर लाल, अवधेश बाजोरिया के पिता विजयराम, बादाम सिंह के पिता रमेश सिंह निवासी धार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपी आकांक्षा चौहान की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सोमवार को खारिज कर दी।
खर्चा कर फंसाया और बना दिया सॉल्वर
लेडी सॉल्वर स्वाति सिंह को मोनिका व प्रियंका के स्थान पर परीक्षा में बैठाने वाला दलाल मेडिकल की टॉपर छात्राओं को फंसाता था। लग्जरी लाइफ के शौक पूरे कर उन्हें प्यार के झांसे में लेता था और फिर उनका इस्तेमाल कर रुपया कमाता था। पुलिस को पूछताछ में यह भी पता चला है कि स्वाति के बाद दो और लड़कियों को सॉल्वर बनाया था।
महिपाल की दूसरे मामले में गिरफ्तारी पर भी रोक, विभागीय कार्रवाई भी नहीं: डीएसपी महिपाल सिंह पर अपनी दोनों बेटियों मोनिका व मोहिका का पीएमटी में फर्जी तरीके से सेलेक्शन कराने का मामला दर्ज है। मोनिका के मामले में डीएसपी की गिरफ्तारी पर पहले से रोक है। मोहिका के मामले में भी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगा दी। डीएसपी जुलाई से ड्यूटी से गायब हैं। लेकिन विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।