ग्वालियर. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने पीएमटी फर्जीवाड़ा रैकेट के एक एजेंट रामलाल जाटव को गिरफ्तार किया है। इसने खुद फर्जी तरीके से भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया और इसके बाद फर्जी प्रवेश दिलाने की दलाली करने लगा।
इसने गजराराजा मेडिकल कॉलेज में छात्र प्रताप चौधरी काे सॉल्वर बैठाकर प्रवेश दिलाया था। गिरफ्तारी के बाद प्रताप ने रामलाल के नाम का खुलासा किया था। तभी से पुलिस इसे तलाश रही थी। इस पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित था।
सीएसपी आकाश भूरिया ने बताया कि 2010 बैच के फर्जी छात्र प्रताप चौधरी ने बताया था कि गांधी मेडिकल कॉलेज के 2009 बैच का छात्र रामलाल जाटव निवासी मुरैना उसके लिए सॉल्वर लाया था। तलाशी के दौरान पुलिस को पता चला कि रामलाल ने खुद भी फर्जी तरीके से प्रवेश लिया था। भोपाल पुलिस उसे पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। जमानत पर छूटने के बाद इसे जैसे ही पता चला कि ग्वालियर पुलिस भी इसे तलाश रही है तो यह फरार हो गया।
प्रताप चौधरी का फर्जी प्रवेश कराने में मिले 20 हजार रुपए
सीएसपी आकाश भूरिया ने बताया कि रामलाल गांधी मेडिकल कॉलेज का 2009 बैच का फर्जी छात्र रहा है। इसने फर्जीवाड़ा रैकेट सरगना विंध्यवासिनी के जरिए फर्जी तरीके से प्रवेश लिया था। प्रताप चौधरी का प्रवेश दिलाने में उसे 20 हजार रुपए मिले थे। दस हजार रुपए प्रताप और दस हजार सॉल्वर ने कमीशन के दिए थे।
बेटे का फर्जी तरीके से एडमिशन कराने वाला शिक्षक गिरफ्तार
पुलिस ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2010 बैच के फर्जी छात्र आशीष प्रजापति के पिता को गिरफ्तार किया है। आशीष के पिता रामबाबू प्रजापति जालौन में शिक्षक हैं। इन्होंने अपने बेटे के फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए दो लाख रुपए दिए थे। रामबाबू ने पुलिस को बताया कि उसने कुछ अपनी बचत में से और कुछ रुपए उधार लेकर इकट्ठे किए थे।