(नगर निगम का फरार इंजीनियर अतिबल सिंह यादव)
ग्वालियर। व्यापमं की पीएमटी परीक्षा में फर्जी तरीके से अपने पुत्र को प्रवेश कराने वाले नगर निगम के इंजीनियर अतिबल सिंह यादव की एसआईटी ने तलाश तेज कर दी है। यादव की तलाश में एसआईटी ने उप्र के इटावा सहित कई शहरों में दबिश दी। हालांकि अभी वो पकड़ में नहीं आया, लेकिन अफसरों की उम्मीद है कि जल्दी ही यादव पकड़ में होंगें। यही नहीं एसआईटी उप्र से उन सॉल्वरों को भी लाने में जुटी हुई है, जिन्होंने फर्जी छात्र बनकर मेडिकल की परीक्षा दी थी।
इस बारे में एसआईटी प्रभारी वीरेन्द्र जैन ने बताया कि दो दिन पहले लंबे समय फरार चल रहे 20 लोगों पर इनाम घोषित किया गया था। इसी सूची में ग्वालियर नगर निगम के इंजीनियर अतिबल सिंह यादव का नाम भी थी। अतिबल ने अपने पुत्र अरूण यादव का एमबीबीएस में फर्जी तरीके से प्रवेश कराया था। जैसे ही एसआईटी अतिबल को आरोपी बनाया, वैसे ही वो गायब हो गया। एसआईटी ने ग्वालियर स्थित उसके सरकारी आवास पर छापा मारा , लेकिन वह नहीं मिला। इस बीच एसआईटी को सूचना मिली कि यादव उप्र के इटावा में शरण ले सकता है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने इटावा और उप्र के कई शहरों में दबिश देने का काम शुरु कर दिया है।
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक मेडिकल प्रवेश फर्जीवाड़े से जुड़ा एक मुख्य आरोपी दीपक यादव भी फरारी के दौरान इटावा में जाकर छिपा था और इसी के जरिए अतिबल ने अपने पुत्र का प्रवेश कराया था। इसके अलावा अतिबल के कुछ कारोबारी रिश्ते भी इटावा में हैं, जिसके कारण उसके छिपे रहने की उम्मीद है।