(मेडिकल छात्रा स्वाति सिंह, जिसे एक डाक्टर ने बना दिया लेडी सॉल्वर)
ग्वालियर। पीएमटी परीक्षाओं में सॉल्वर उपलब्ध कराने वाले गिरोह ऐसे लोगों का इस्तेमाल करता था, जो पढ़ाई में हमेशा टॉप रहकर मेरिट होल्डर होते है। खासतौर से लड़कियों के मामले में होशियार छात्राओं को सॉल्वर बनाकर लाया जाता था। ऐसी लड़कियों को फंसाने के लिए उनके बॉय फ्रैंड का इस्तेमाल किया जाता था। अब व्यापमं मामले की जांच करने वाली एसआईटी ऐसे लोगों की जांच में जुट गई है।
दो दिन पहले एसआईटी एक ऐसी लेटी स़ॉल्वर स्वाति सिंह को उप्र से लेकर आई थी, जिसने ग्वालियर की दो लड़कियों के स्थान पर पीएमटी की परीक्षा दी और दोनों को एमबीबीएस में सिलेक्शन हो गया। स्वाति सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसके साथी विजय सक्सेना, जो डाक्टर है, उसने ही लेडी सॉल्वर बनाया था। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि विजय सक्सेना स्वाति सिंह के काफी नजदीक था। इसी नजदीकी के चलते स्वाति ने दूसरे के स्थान में परीक्षा देने के एवज में रुपए भी नहीं लिए थे। स्वाति सिंह पढ़ने में बहुत होशियार थी, जिसके कारण उसे बीएचयू के मेडिकल कालेज में प्रवेश मिला था।
हालांकि बाद में विजय का स्वाति से ब्रेकअप हो गया और फिर स्वाति ने लेडी सॉल्वर बनने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि स्वाति ने एक डीएसपी महिपाल यादव की पुत्री मोनिका यादव व प्रियंका श्रीवास्तव के एवज में पीएमटी की परीक्षा दी थी। स्वाति कितनी होशियार थी, इसका अंदाजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि उसके परीक्षा देने के कारण मोनिका यादव पीएमटी की टॉप 100 छात्राओं में से एक थी।
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि व्यापमं घोटाले से जुड़े आरोपियों ने कुछ और लेडी सॉल्वर लाकर मप्र में पीएमटी की परीक्षा दिलवाई थी। जांच में कुछ नाम सामने आए हैं और एसआईटी जल्दी ही इनको भी खोजकर ग्वालियर लाएगी।