ग्वालियर. अपने बेटों को फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक पीएचई का रिटायर्ड क्लर्क है, इसने रिटायरमेंट पर मिले रुपयों से बेटे को फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलवाया था जबकि दूसरा शिक्षक है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने कुछ समय पहले जीआरएमसी में फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले 2010 बैच के छात्र मनीष शाक्य को गिरफ्तार किया था। इसने बताया था कि उसको प्रवेश दिलाने के लिए उसके पिता पातीराम शाक्य ने दलाल विनोद शाक्य को तीन लाख रुपए दिए थे। मंगलवार को पुलिस ने पातीराम को गिरफ्तार कर लिया। पातीराम पीएचई में क्लर्क था।
पांच साल पहले जौरा से रिटायर हुआ है। पातीराम ने बताया कि वर्ष 2009 में रिटायरमेंट के बाद तीन लाख रुपए मिले थे। इसका उपयोग बेटे मनीष को डॉक्टर बनाने के लिए किया। यह रुपए उसने विनोद शाक्य को दिए।
इसी तरह वर्ष 2008 में मेडिकल कॉलेज में फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले अवनीश शर्मा के पिता राममहेश शर्मा को गिरफ्तार किया है। राममहेश ने न्यायालय में सरेंडर किया था जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अवनीश ने बताया कि उसके पिता राममहेश वर्तमान में कपूरपुरा शासकीय प्राथमिक विद्यालय भिण्ड में पदस्थ हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि तीन लाख रुपए का इंतजाम इन्होंने कहां से किया था।