(लड़कियों के कालेज के बाहर मनचलों को खदेड़ती पुलिस )
फोटोः रवि उपाध्याय
ग्वालियर। पुलिस अचानक ग्वालियर दुर्ग के उन स्थानों पर पहुंचती है, जहां पर युवा जोड़े बैठकर बातें कर रहे थे। अचानक आई पुलिस को देखकर युवाओं में हड़कंप मच जाता है। कुछ जोड़े तो भागने में सफल रहते हैं तो कुछ रूक जाते हैं। पुलिस उनको मारती नहीं है, बल्कि यह समझाती है कि वे एकांत वाले स्थानों पर नहीं बैठे, नहीं तो उनके साथ समस्याएं हो सकती है।
दूसरा दृश्य है लड़कियों के केआरजी कालेज का, जहां पर कुछ मंजनू टाइप लड़के खड़े रहते हैं। पुलिस दबे पांव आती है। पुलिस को देखकर मनचले भागने लगते हैं, लेकिन कुछ पकड़ में आ जाते हैं। पहले तो उन्हें पुलिसिया स्टाइल में एक-दो थप्पड़ लगाए जाते हैं और फिर समझाया जाता है। कालेज आने वाली लड़कियों को भी पुलिस समझाती है कि वे यदि परेशानी में हो तो तुरंत पुलिस कंट्रोलरूम फोन करें। महिला पुलिस की यह टीम इन दिनों शहर के पार्कों से लेकर ऐसे स्थानों पर लगातार जा रही है, जहां पर युवा जोड़े बैठते हैं।
इस प्रकार की कार्रवाई को पुलिस गलत नहीं मानती। इंस्पेक्टर अनीता मिश्रा बताती हैं कि पुलिस का काम लोगों को आगाह करना है और पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इस प्रकार के कदम उठा रही है। वैसे भी एकांत स्थानों पर युवाओं, खासतौर से लड़कियों को असामाजिक तत्व परेशान कर सकते हैं। इसलिए उन्हें आगाह किया जा रहा है।
उधर युवा जोड़े इसे मॉरल पुलिसिंग कहते हैं। पार्क में बैठे एक युवा जोड़े का कहना है कि वे तो बैठकर केवल बातें ही कर रहे थे, तभी पुलिस आ गई। हालांकि उनके साथ मारपीट तो नहीं की गई, लेकिन धमका जरूर दिया गया। चूंकि 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे है औऱ इसी के चलते पुलिस थोड़ा ज्यादा सक्रिय हो गई है।
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