(फाइल फोटो: जगली खरपतवार लेंटाना, जिससे इत्र बनाया जा रहा है )
ग्वालियर। वन विभाग के वैज्ञानिकों ने मिट्टी और जंगली खरपतवार से इत्र बनाने का तरीका खोज निकाला है। जल्द ही मिट्टी और लेंटाना पौधे से तैयार इत्र मार्केट में उतारा जाएगा। वन विभाग के वैज्ञानिक इसके अलावा कई और उपयोगी हर्बल प्रयोगों में जुटे हुए हैं।
विभाग के प्रधान वन संरक्षक अनिल ओबराय ने जानकारप दी है कि वन विभाग, खंडवा के वैज्ञानिकों ने लंबे अनुसंधैन के बाद मिट्टी से इत्र बनाने का फार्मूला तैयार कर लिया है। वैज्ञानिकों ने जंगर में पाए जाने वाले ऐसे खरपतवार से भी इत्र बनाना शुरू कर दिया है। गाजर घास की तरह ही लेंटाना खरपतवार को भी जानवर नहीं खाते हैं।
वन विभाग ‘एमबीए’ प्रोजेक्ट ग्वालियर में
ग्वालियर में एमबीए (मेडिसन, बेम्बू, ऐरोमेटिक) नाम का प्रोजेक्ट जल्द शुरू किया जाएगा। वन विभाग जंगलों में औषधीय, बांस और सुगंधित पौधों को लगाएगा। विक्की फैक्ट्री के पास स्थित वन विभाग की डिपो में खाली पड़े भवन में ‘एमबीए’ के लिए प्लांट लगाया जाएगा।
बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
‘एमबीए’ प्लांट में औषधीय, बांस और सुगंधित पौधे से विभिन्न उत्पाद बनाए जाएंगे। इसके लिए मशीनें वन विभाग लगाकर देगा। इन इकाइयों में वन विभाग के कर्मचारियों के बेरोजगार बच्चों को रोजगार दिया जाएगा। उत्पाद की मार्केटिंग का काम भी वन विभाग करेगा।