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नए क्रिकेट स्टेडियम का रास्ता हुआ साफ

9 वर्ष पहले
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ग्वालियर। ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (जीडीसीए) के एक लाख क्षमता वाले नए क्रिकेट स्टेडियम का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को शंकरपुर में प्रस्तावित नए स्टेडियम की 61 बीघा जमीन पर जीडीसीए ने कब्जा ले लिया और बाउंड्रीवाल के लिए लाइन खींच दी। इस दौरान जीडीसीए के पदाधिकारियों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना था कि उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिला है। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप पर किसान शांत हो गए।

जीडीसीए ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए पिछले साल शंकरपुर व थर गांव के किसानों से 15 करोड़ रुपए में 61 बीघा जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री जीडीसीए के नाम होने के बाद भी किसान उस पर खेती कर रहे थे और कब्जा छोडऩे को तैयार नहीं थे। बारिश में जमीन पर कब्जा लेने के प्रयास हुए थे लेकिन फसल बोई होने के कारण किसानों के अनुरोध पर इसे टाल दिया गया। सुबह जीडीसीए व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम शंकरपुर पहुंची और सीमांकन की कार्रवाई की।

बीसीसीआई से है स्वीकृत: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ग्वालियर व इंदौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति दी है। इंदौर का स्टेडियम बनकर तैयार हो गया है। ग्वालियर में बाउंड्रीवाल बनने के बाद ग्राउंड बनाया जाएगा, जिस पर प्रैक्टिस मैच खेले जाएंगे। इसके बाद पैवेलियन का निर्माण होगा। स्टेडियम के साथ-साथ शॉपिंग कॉम्पलेक्स व क्रिकेटरों के लिए कॉलोनी बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।

मुआवजे के 20 लाख नहीं मिले

हमें मुआवजे के 20 लाख रुपए नहीं मिले हैं। सीमांकन का विरोध करने पर अधिकारियों ने बाद में मामला सुलझाने का आश्वासन दिया है। पूरा मुआवजा मिलने के बाद कब्जा छोड़ा जाएगा।
- सुरेश सिंह गुर्जर, निवासी थर

गुमराह करके रजिस्ट्री करा ली

मुआवजे के दस लाख रुपए नहीं मिले हैं। जमीन के लिए मेरे दोनों नाबालिग बेटों से इसकी सहमति ली गई है, जिसका मैंने विरोध किया है। गुमराह करके जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।
लीलाबाई, निवासी थर

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