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डाउनलोड करेंग्वालियर. पीएमटी दिए बिना गजराराजा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले एक और छात्र अरुण जाटव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अरुण मूल रूप से गोहद का रहने वाला है और साढ़े तीन लाख रुपए देकर सिलेक्ट हुआ था। जिस एमबीबीएस छात्र के जरिए डील की थी, उसकी मौत हो चुकी है। वहीं जिसको रुपए दिए गए थे, उसको पुलिस तलाश कर रही है। एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने वर्ष 2010 के जिन फर्जी छात्रों को गिरफ्तार किया था, उन्होंने बताया था कि गोहद में रहने वाले अरुण जाटव ने फर्जी तरीके से वर्ष 2010 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। इस आधार पर पुलिस ने अरुण को गिरफ्तार किया।
सीबीआई को नहीं सौंपी जाएगी जांच : गौर
पीएमटी फर्जीवाड़े की जांच को कोई रसूखदार प्रभावित नहीं कर पाएगा। प्रभावशाली लोगों के परिचितों को लाभ देने की बातें अफवाहें हैं, इन बातों पर कतई भरोसा नहीं किया जाए। हमें अपनी पुलिस पर पूरा भरोसा है कि इस मामले की जांच वह निष्पक्ष ढंग से करेगी, इसलिए सीबीआई को इसकी जांच नहीं सौंपी जाएगी। यह बात गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से चर्चा में कही।
19 छात्रों को अग्रिम जमानत
पीएमटी फर्जीवाड़े में संदिग्ध 19 छात्रों को जिला न्यायालय से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। जिला सत्र न्यायाधीश जगदीश बाहेती की कोर्ट से गुरुवार को 9 संदिग्ध छात्रों को 6 माह के लिए अग्रिम जमानत मिली। वहीं विशेष न्यायाधीश जेएम चतुर्वेदी की कोर्ट से दस संदिग्ध छात्रों को 3 माह की अग्रिम जमानत मिल गई ।
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