(मृत मुकेश की पत्नी मीना और मासूम बालक डब्बू)
फोटोः रवि उपाध्याय
ग्वालियर. ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में जलाई गई अंगीठी से निकले धुएं ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। धुएं से हुई घुटन की वजह से पति, पत्नी और इनकी दो साल की बेटी की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना इंदरगंज थाना क्षेत्र के खटीक मोहल्ला, खल्लासी पुरा की है। रात में इनको जयारोग्य अस्पताल भेजा गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुबह पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी। खटीक मोहल्ला में रहने वाला मुकेश बरार टेलर था।
मूलरूप से वह चिटनिस की गोठ का रहने वाला था लेकिन शादी के कुछ समय बाद यह अपनी ससुराल खटीक मोहल्ला में ही किराए का कमरा लेकर रहने लगा था। इसके परिवार में पत्नी मीना और दो साल की बेटी डब्बू थी। यह तीनों रहते किराए के कमरे में थे लेकिन इनका ज्यादातर खाना ससुराल में ही होता था।
खाना खाया और इसके बाद अपने घर आ गए। यहां पर इन्होंने घर में लकड़ी के कोयलों से अंगीठी जलाई और फिर सो गए। रात लगभग नौ बजे इनका साला विक्रम खाना लेकर आया तो दरवाजा लगा हुआ था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद नहीं खोला गया तो इसने दरवाजे में धक्का दिया। धक्का देते ही दरवाजा खुला गया। विक्रम ने अंदर जाकर आवाज दी तो कोई आहट नहीं हुई, इसके बाद इसने इन लोगों को हिला-डुलाकर देखा तो इनमें हरकत नहीं हुई। इसके बाद इन तीनों को लेकर यह एक डॉक्टर के पास गए, डॉक्टर ने इन्हें जयारोग्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। यहां पर इन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
धुआं कमरे से बाहर नहीं निकल पाया और घुट गया दम : मुकेश और उसका परिवार जिस कमरे में रहता था उसमें वेंटिलेशन ठीक नहीं था। कमरे से धुंआ निकलने के लिए मात्र एक सुराख बना हुआ था। सोते समय कमरे में अंगीठी का धुंआ भर गया। सोते समय धुएं ने इनके शरीर में प्रवेश किया, इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हुआ और यह इनकी मौत की वजह बन गया।
अंगीठी में जलने वाले कोयले गर्मी तो देते हैं, लेकिन कभी-कभी जानलेवा साबित होते हैं। दरअसल कोयला जलने के बाद कार्बन मोनो ऑक्साइड छोड़ता है। इसके कारण ऑक्सीजन का लेबल लगातार कम होता है। यदि कमरे में सही प्रकार की खिड़की या रोशनदान हो तो भी ऑक्सीजन का लेबल बना रहता है। मुकेश के मामले में ऐसा नहीं हुआ और लगातार ऑक्सीजन कम होने से पूरे परिवार की मौत हो गई।
कमरे में गर्मी का इंतजाम किया है तो वेंटिलेशन जरूरी : कमरे को गर्म करने के लिए अगर अंगीठी, हीटर या ब्लोअर का इंतजाम किया गया है तो कमरे में वेंटिलेशन भी होना चाहिए। इनसे निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड, शरीर में जाती तो ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है और यही जानलेवा होता है।
खटीक मोहल्ले के एक घर में पति-पत्नी और इनकी बेटी मृत अवस्था में मिले हैं। इनकी मौत की वजह प्रारंभिक रूप से धुएं से दम घुटना बताया गया है मामले की जांच की जा रही है।
-राघवेंद्र सिंह, टीआई, इंदरगंज
शरीर के अंदर जब कोई जहरीली गैस प्रवेश करती है तो वह हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की जगह लेती है। खून में जहरीली गैस का मिश्रण होने से यह पूरे शरीर में पहुंच जाती है और ऑक्सीजन की कमी से मौत हो जाती है।
-सार्थक जुगरान, विभागाध्यक्ष फोरेंसिक विभाग
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