शिवपुरी. सईसपुरा क्षेत्र में रविवार की दोपहर सैप्टिक टैंक साफ करने के दौरान हुई दो सफाईकर्मियों की मौत के बाद सोमवार की सुबह परिजन व समाज के लोगों ने माधव चौक पर लाश रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित परिजन ने अफसरों से कहा कि हमें हथकड़ी लगा दो, लेकिन जब तक मांग पूरी नहीं होंगी, तब तक हम नहीं जाएंगे।
प्रदर्शन करने वालों की मांग थी कि मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता व पत्नी को नपा में मस्टर कर्मचारी पद पर नौकरी दी जाए। मौके पर मौजूद एसडीएम शिवपुरी डीके जैन ने सीएमओ नपा से बात करने के बाद आश्वासन देते हुए दोनों मांगों को मान लिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया।
गौरतलब है कि सईसपुरा निवासी विष्णु बाथम के घर का सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान राजेंद्र (25) पुत्र श्रीलाल वाल्मीकि निवासी संजय कॉलोनी, दीपू (26) पुत्र दाताराम वाल्मीकि करौंदी, की मौत हो गई थी। दोनों मृतक नगर पालिका में मस्टर कर्मचारी थे। नपा सीएमओ का कहना है कि जब यह हादसा हुआ, तब दोनों सफाईकर्मी अवकाश के दिन निजी काम कर रहे थे।
सुबह 10.30 बजे दोनों शवों को चौराहे पर रखकर महिलाएं रोने लगीं । दूसरी तरफ कुछ युवा सड़क पर बैठकर रास्ता जाम करने का प्रयास करने लगे। सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि परिजन को आर्थिक सहायता दी जाए तथा परिवार के एक सदस्य को परमानेंट नौकरी दी जाए।
यह रखते सावधानी तो नहीं होता हादसा
1 सीवर का सेप्टिक टैंक एयरटाइट होने की वजह से उसमें जहरीली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनती है।
2 बड़ा टैंक था, इसलिए एक पटिया के बजाय दो से तीन पटिया हटाई जानी चाहिए थी, ताकि अंदर तक ऑक्सीजन पहुंच पाती।
3 टैंक के अंदर घुसने से पहले मुंह पर कपड़ा एवं हाथों में दस्ताने पहनने चाहिए थे। भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए यह बचाव जरूरी है।
लॉ एंड आर्डर बिगड़ा तो ठीक नहीं होगा
नौकरी के संबंध में एसडीएम श्री जैन ने जब नपा सीएमओ अशोक रावत से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि नियमित नौकरी तो नहीं दी जा सकती, क्योंकि मृतक मस्टर कर्मचारी थे। इस बीच एसडीओपी ने एसडीएम से
मोबाइल लेकर सीएमओ से कहा कि आपके कम्युनिकेशन गेप की वजह से वे नाराज हैं।
आप कोऑपरेट करें, अगर लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा तो फिर ठीक नहीं होगा। इसके बाद सीएमओ ने कहा कि पीआईसी में प्रस्ताव रखकर मृतकों की पत्नी को मस्टर कर्मचारी के रूप में नपा में जगह देंगे।
दस लाख रुपए की सहायता मिलेगी
मप्र शासन के सफाई आयोग सदस्य अशोक वाल्मीकि सोमवार की शाम शिवपुरी आए। उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी वर्ष आदेश दिया है कि मैला साफ करने वाला कोई भी व्यक्ति भले ही वो नपा का कर्मचारी हो या अन्य कोई। यदि उसकी मृत्यु होती है तो उसे 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए। इसलिए उक्त दोनों मृतकों का केस बनाकर सहायता राशि के लिए भेजा जाएगा।
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