ग्वालियर. सागरताल रोड पर रविवार को आधी रात के बाद हुई मुठभेड़ पर 11 घंटे बाद ही सवाल उठना शुरू हो गए हैं। मुठभेड़ में मारे गए सोनू नट के भाई का कहना है कि सोनू एएसआई की हत्या वाले दिन रात नौ बजे घर पर था। वह और सोनू दोनों ऑटो चलाते हैं। रविवार शाम को भी सोनू ने ऑटो चलाया था।
जबकि पुलिस का कहना है कि उनके पास सोनू व अन्य दो बदमाशों के वीडियो फुटेज हैं। सोनू के
मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल भी बदमाशों के साथ की है। मालनपुर में व्यापारी की हत्या इन्हीं बदमाशों ने की थी। इन्होंने एएसआई की पिस्टल व 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल इस घटना में किया है।
सोनू नट के परिजन का कहना है कि उन्हें मुठभेड़ की खबर सोमवार सुबह अखबार पढ़कर मिली। वह पुलिस के पास जाने की योजना बना रहे थे। तभी बहोड़ापुर थाने के टीआई का फोन सोनू के भाई सुनील के मोबाइल पर आया। इन्होंने घटना की जानकारी देते हुए थाने पर बुलाया। सोनू के भाई सुनील ने बताया कि उनका परिवार गोल पहाड़िया स्थित अयोध्यापुरी में रहता है।
पिताजी ने कुछ समय पूर्व गांव की जमीन बेचकर यह छोटा मकान बनवाया था। सोनू से छोटा भाई कंप्यूटर कोर्स कर रहा है। सोनू, बाड़े से ऑटो चलाता था और रात 8-9 बजे तक घर पहुंच जाता था। यदि कभी कोई सवारी दूर की मिल जाती थी तो वह लेट भी हो जाता था। सुनील ने बताया कि रविवार को शाम 5 बजे तक सोनू ने ऑटो चलाया था। इसके बाद वह ड्राइवर को ऑटो देकर चला गया था। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने समझा की वह किसी शादी में गया होगा।
हे भगवान ये क्या हो गया
मृतक के भाई सुनील ने बताया कि एएसआई की हत्या में शामिल बदमाशों को नशे में धुत्त बताया गया है। जबकि सोनू किसी तरह का नशा नहीं करता था। अगर उसने नशा किया होता तो इतनी सफाई से वारदात को अंजाम देकर नहीं निकल सकता था।
नहीं जानते विक्की को: परिजन ने बताया कि वह दस वर्ष से ग्वालियर में रह रहे हैं। वे किसी विक्की को नहीं जानते। न ही सोनू का किसी विक्की से मिलना-जुलना था।