ग्वालियर. शहर में सड़कों की क्वालिटी और थिकनेस को लेकर अफसर और ठेकेदार कतई गंभीर नहीं हैं। रामदास घाटी पर दो रेलवे फाटकों के बीच बन रही सड़क का निर्माण लेबर कर रही है।
रविवार और सोमवार को यहां न तो ठेकेदार मौजूद था और न ही निगम का इंजीनियर। दैनिक भास्कर ने मौके पर पहुंचकर लेबर से पूछा तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार साहब भोपाल में हैं। वे फोन पर हमें सब कुछ बता देते हैं आैर हम वैसी ही सड़क बना देते हैं।
निगम कमिश्नर अजय गुप्ता ने हाल ही में शहर की सड़कों का निरीक्षण किया था। इसमें सड़कों की स्थिति ठीक नहीं मिली थी। कमिश्नर ने ठेकेदार और अफसरों को नोटिस जारी किए थे। साथ ही दो सड़कों की सैंपलिंग भी कराई थी।
जांच रिपोर्ट में हुरावली और सचिन तेंदुलकर रोड थिकनेस में फेल हो गईं थीं। साफ है कि शहर में मानकों के मुताबिक सड़कों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। रामदास घाटी पर चल रहा सड़क निर्माण का काम इसका एक नमूना है।
19 लाख रुपए से बन रही सड़क
रामदास घाटी स्थित रेलवे लाइन से लेकर आदर्श कॉलोनी तक यह सड़क 19 लाख रुपए के बजट से बनाई जा रही है। लंबे समय से इस रोड को बनाने की मांग की जा रही थी। गुणवत्ता के अभाव में यह सड़क ज्यादा दिनों तक साथ नहीं दे पाएगी और इसका खामियाजा यहां से गुजरने वालों को भुगतना पड़ेगा। इसे चार माह में तैयार होना है।
गंभीर चूक हैं, मैं दिखवाऊंगा
ठेकेदार के सुपरवाइजर और निगम के इंजीनियर की मौजदूगी के बिना सड़क कैसे बनाई जा रही है, यह गंभीर चूक है। इस बारे में विस्तृत जानकारी लेकर मामले को दिखवाया जाएगा।
अजय गुप्ता, कमिश्नर, नगर निगम
सुपरवाइजर रहता है मौके पर
हमारा सुपरवाइजर मौके पर रहता है जो सड़क निर्माण कार्य देखता है। कुछ देर के लिए हो सकता है, सुपरवाइजर मौके पर न रहा हो।
हाकिम शर्मा, (ठेकेदार बाबूलाल शुक्ला के मैनेजर)