ग्वालियर. गत 15 सितंबर से शुरू हुई राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में ग्वालियर को बॉक्सिंग व बॉस्केटवाल की प्रतियोगिताएं कराने की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन आयोजकों द्वारा व्यवस्थाएं न करने के कारण खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश भर से आए अंडर 14, 17, तथा 19 के खिलाड़ियों के मैच दोपहर की तेज धूप में ही करा दिए गए।
यहां खिलाड़ियों के लिए न तो पीने के लिए पानी की उचित व्यवस्था की गई और न ही उनके आने-जाने की। खिलाड़ियों ने मैच खत्म होने के बाद बाजार से पानी की बोतल मंगाकर अपनी प्यास बुझाई। कुछ खिलाड़ियों की शिकायत पर डीबी स्टार टीम गुरुवार को दोपहर में मुरार स्थित रामलीला मैदान पहुंची तथा यहां की अव्यवस्थाओं को कैमरे में कैद किया।
न चेंजिंग रूम और न ही वॉश रूम की व्यवस्था
मैदान मे खिलाड़ी लड़कियों के लिए न तो अलग से चेंजिंग रूम बनाया गया है और न वॉश रूम। इस कारण खिलाड़ियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मैदान में केवल एक ही वॉश रूम है, जिसमें लड़कियां नहीं जातीं।
स्कूलों में है ठहरने की व्यवस्था
आयोजन समिति ने इन खिलाड़ियों को ठहराने व भोजन की व्यवस्था स्कूलों में की है। डीबी स्टार टीम ने जब इन स्कूलों का जायजा लिया, तो पता चला कि यहां न तो रहने की उचित व्यवस्था है और न पानी की। टीम जब मुरार स्थित उत्कृष्ट विद्यालय पहुंची, तो वहां ठहरे बच्चे पानी की बोतल लेने बाजार जा रहे थे।
दस संभागों से आई हैं टीम
ग्वालियर में 15 से 19 सितंबर तक चलने वाली राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के नौ संभागों से टीमें आई हैं। जो टीम जीतेगी, वह आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए सेलेक्ट की जाएगी। इंदौर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा, उज्जैन, शहड़ोल, चंबल संभाग की बॉक्सिंग व बॉस्केटबॉल की टीमें यहां आई हुई हैं।
दर्शक भी नहीं पहुंच रहे
दिन के मैचों के लिए मैदान में दर्शकों के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं। इस कारण दर्शक भी मैच देखने नहीं पहुंच रहे हैं। टेंट नहीं लगाए जाने के कारण जो दर्शक मैच देखने पहुंच भी रहे हैं, वे थोड़ी देर बाद ही वापस चले जाते हैं।
मैदान से स्कूल पैदल
खिलाड़ी दिन भर में चार चक्कर मैदान से स्कूलों के लगाते हैं। इनको लाने ले जाने के लिए वाहन की भी व्यवस्था नहीं है। मैच के बाद लंच के लिए खिलाड़ी पैदल ही स्कूल पहुंचते हैं तथा अगले मैच के लिए फिर से मैदान आते हैं।
सभी व्यवस्थाएं की हैं
खिलाड़ियों को आवासीय स्थल से मैदान तक ले जाने की व्यवस्था का काम टीम के जनरल मैनेजर का रहता है। जहां तक बॉक्सिंग के मैच धूप में होने की बात है, तो जल्द ही टेंट आदि की व्यवस्था की जाएगी। मैं खुद मैदान में जाकर व्यवस्थाएं देखता हूं। हमने खिलाड़ियों के लिए पानी तथा नाश्ते आदि की व्यवस्था की है। अब उसके बाद भी खिलाड़ी बाहर से पानी क्यों खरीद रहे हैं, इस बारे में जानकारी ली जाएगी।
होतम सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी
अधिकारियों को देता हूं निर्देश
राज्य शालेय प्रतियोगिता की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को दी गई है, उनसे अभी जवाब लेता हूं। खिलाड़ियों को किसी भी तरह से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। धूप में मैच कराना गलत है। इस जगह टेंट आदि लगाया जाना चाहिए था। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
मोहर सिंह सिकरवार, जिला शिक्षा अधिकारी
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