(भूसे के ढेर से निकली जिंदगी)
शिवपुरी/लुकवासा. आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार की सुबह भूसे से भरा ट्रक सड़क के नीचे पलट गया। वही पास में ही एक युवक गड्ढे के पास शौच के लिए बैठा था, जो भूसे के ढेर में दब गया। युवक के दो अन्य साथियों ने
मोबाइल की घंटी बजाकर भूसे के ढेर में पहले उसका ठिकाना पता किया। फिर भूसा अलग करके तिरपाल को कुल्हाड़ी से फाड़कर दबे हुए युवक को सवा घंटे बाद जिंदा बाहर निकाला।
लुकवासा अस्पताल में सस्पेंड डॉक्टर ने मास्क न होने पर ऑक्सीजन की सीधी लेजम ही घायल युवक की नाक में लगाकर उसे बचाने का प्रयास किया। सूचना देने के लगभग पौन घंटे बाद आई 108 एंबुलेंस से युवक को उपचार के लिए भेजा गया।
> फतेहपुर शिवपुरी निवासी घनश्याम (35) पुत्र करन ओझा, लुकवासा मे चल रही भागवत कथा मंडली में ऑर्गन बजाने सात दिन पूर्व से गया है। सुबह मंडली के दो अन्य साथियों के साथ सड़क किनारे शौच को बैठा था।
> हाईवे पर देहरदा तिराहे पर सड़क के शोल्डर कट की वजह से ट्रक यूपी23-डी 4108, सुबह 8.30 बजे सड़क किनारे पलट गया। ट्रक पलटते ही उसमें भरा भूसा व तिरपाल के नीचे शौच कर रहा घनश्याम दब गया।
> हादसा होते ही युवक के साथियों ने गुहार लगाई। मौके पर पहुंचे एसआई हुकुम सिंह मीणा ने घनश्याम के मोबाइल की घंटी बजाकर आवाज के आधार पर भूसे को हटाना शुरू किया 9.45 बजे घनश्याम को बेहोश अवस्था में बाहार निकाला।
> 108 एंबुलेंस से घायल घनश्याम को अस्पताल भेजा गया। जहां लुकवासा अस्पताल में मौजूद डॉक्टर केएल पचौरिया ने ऑक्सीजन लगाया और जरूरी उपचार किया। इसके बाद युवक की सेहत में मामूली सुधार हुआ।
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