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आज से दो दिन बंद रहेंगे सरकारी बैंक

9 वर्ष पहले
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दिल्ली/ग्वालियर। 11केंद्रीय ट्रेड यूनियन 20 व 21 फरवरी को अपने हड़ताल के आह्वान पर कायम हैं। इसके चलते सरकारी बैंक भी बंद रह सकते हैं। हालांकि सरकार ने बैंक कर्मचारियों से अपील की है कि वे हड़ताल में शामिल न हों। ग्वालियर में ट्रेड यूनियनों की इस हड़ताल में ऑटो वाले भी शामिल होंगे। एक अनुमान के मुताबिक ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से दो दिन में करीब 20,000 करोड़ रु. के नुकसान की आशंका है।

कहां-क्या प्रभावित

  • बैंक: अधिकतर सरकारी बैंक बंद रहेंगे। नकदी का लेन-देन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनाने जैसे काम प्रभावित होंगे। हालांकि प्राइवेट बैंक हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।
  • इंश्योरेंस: एलआईसी और दूसरी कंपनियों में काम-काज बंद रहेगा।
  • पोस्ट ऑफिस : बंद रहेंगे।
  • ऑटो : भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ ने बताया कि 50 हजार से ज्यादा ऑटो-टैक्सी नहीं चलेंगे। कुछ संगठन हड़ताल से अलग रहेंगे। टूरिस्ट टैक्सी और काली-पीली टैक्सी ड्राइवर हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।

ये हैं मांग

  • महंगाई के लिए जिम्मेदार सरकारी नीतियां बदली जाएं।
  • मिनिमम वेज (न्यूनतम भत्ता) बढ़ाया जाए।
  • सरकारी संगठनों में अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी जाएं।
  • आउटसोर्सिंग के बजाय रेगुलर कर्मचारियों की भर्तियां हों।
  • सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी प्राइवेट कंपनियों को न बेची जाए।
  • बैंकों के विलय (मर्जर) की पॉलिसी लागू न की जाए।
  • केंद्रीय कर्मियों के लिए भी हर पांच साल में वेतन में संशोधन हो।

इधर सांसद से भिड़े हड़ताली शिक्षक, कहा-हराकर वापस भेज देंगे
भिंड। महंगाई के दौर में हम लोग कम वेतन पर काम कर रहे हैं और आप जैसे नेता जनता के पैसे पर ऐश कर रहे हैं। अपनी समस्याओं के बारे में कई बार आपको अवगत कराया, लेकिन आश्वासन के अलावा हमें कुछ नहीं मिला। आप तो झूठ बोलते हो। इसका जवाब अगले चुनाव में देंगे। हम लोगों की सुनी नहीं गई तो आपको वापस मुरैना भेज देंगे। मंगलवार को आंदोलन के दूसरे दिन यह खरी-खोटी राज्य अध्यापक संघ के शिक्षकों ने भिंड-दतिया सांसद अशोक अर्गल से कहीं। मालूम हो, कि सांसद अशोक अर्गल मूलत: मुरैना के रहने वाले हैं।

सांसद बोले-जिन्हें ३०-३५ हजार मिल रहे हैं वे स्कूल नहीं जाते, तो तुम लोग क्या जाते होगे
शिक्षकों ने सांसद अशोक अर्गल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को 30 से 35 हजार रुपए तनख्वाह मिल रही है, वे तो स्कूल जाते नहीं हैं तो तुम लोग क्या जाते होगे। स्कूलों में बच्चों को कोई पढ़ाना नहीं चाहता है। सांसद को खुद पर भड़कता देख शिक्षक भी आक्रोशित हो गए। शिक्षकों ने कहा कि इस बार तो जनता को गुमराह कर सांसद बन गए हो, लेकिन अगली बार आपको हराकर वापस मुरैना भेज देंगे।
(विधानसभा में भी गूंजत्न पढ़ें पेज १३)