(मास्क पहन धोबी घाट कपड़े ले जाता कर्मचारी)
(फोटो : विक्रम प्रजापति )
ग्वालियर। स्वाइन-फ्लू के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी ने खौफ का माहौल बना दिया है।आंकड़ों की बाजीगरी में जुटी सरकार के दावों पर अब लोगों को भरोसा नहीं रहा. लोगों ने खुद ही अहतियात बरतना शुरू कर दिया है. स्कूली विद्यार्थियों से ले कर शिक्षक और यहां तक कि कपड़े धोने वाले भी अब मास्क पहने नजर आ रहे हैं।
शहर में हर जगह स्वाइन-फ्लू मास्क
ग्वालियर-चम्बल संभाग में स्वाइन-फ्लू से अब तक चार की मौत हो चुकी है। जबकि 35 सेंपलों की अभी जांच की जा रही है। नतीजतन वायरस से फैलने वाली इस बीमारी का खौफ शहर में नजर आने लगा है। विशेषज्ञों ने बचाव के लिए इसलिए खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल अथवा विशेष मास्क लगाने की सलाह दी है। लिहाजा स्कूली बच्चे भी मास्क पहने नजर आने लगे हैं। इसके साथ ही शहर में सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ जुट रही है। डॉक्टरों के मुताबिक यह स्वाइन-फ्लू के खौफ का ही नतीजा है। दरअसल साधारण सर्दी जुकाम के मरीज भी स्वाइन-फ्लू की आशंका में परीक्षण करा रहे हैं।
शहर में अब तक कुल 11 मरीजों के स्वाइन-फ्लू से प्रभावित होने की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि करीब 35 संदिग्धों के सेंपलों का परीक्षण किया जा रहा है। स्वाइन-फ्लू ने चार मरीजों की जान भी ले ली है।
आगे की स्लाइड्स में स्वाइन-फ्लू के खौफ से मास्क पहने अलग वर्ग के नागरिक....