ग्वालियर. जीवाजी यूनिवर्सिटी की आधी-अधूरी तैयारियों के बीच नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की टीम निरीक्षण करेगी। निरीक्षण से पहले तैयारियों को लेकर गठित की गईं डेढ़ दर्जन कमेटियाें में से बमुश्किल आधा दर्जन कमेटियां ही सक्रिय हैं। ऐसे में जनवरी के पहले सप्ताह से होने वाले निरीक्षण के दौरान यूनिवर्सिटी को 'ए' ग्रेड मिलने में दिक्कत आ सकती है। नैक की कमेटी 2001 के बाद निरीक्षण करने जेयू आ रही है।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला नैक की टीम के निरीक्षण को लेकर बेहद गंभीर हैं। जेयू को "ए' ग्रेड मिले, इसलिए उन्होंने डेढ़ दर्जन कमेटियां गठित की हैं। इनमें से बमुश्किल आधा दर्जन कमेटियां ही सक्रिय दिख रही हैं। अधिनियम, परिनियम, अपडेट की कमेटी सहित कुछ कमेटियों ने अपनी रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी है।
यूनिवर्सिटी परिसर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर साफ-सफाई की पोल खोल रहे हैं। यदि शिक्षकों ने अभी से जेयू प्रशासन का सहयोग नहीं किया तो यूनिवर्सिटी को 'ए' ग्रेड मिलना मुश्किल हो जाएगा। इधर इंटरनल क्वालिटी इंश्योरेंस कमेटी की बैठक बुधवार को आयोजित की गई। इसमें विभागों से तैयारियों की जानकारी मांगने का निर्णय लिया गया।