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मंत्री स्वच्छता दूतों से बोले- तो क्या सफाई करने पर भी आचार संहिता थी

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर। निगम चुनाव के लिए आचार संहिता लगी थी तो क्या इसमें साफ-सफाई करने पर भी रोक थी? यह सवाल केंद्रीय खनन एवं इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोेमर ने रविवार को चेंबर ऑफ काॅमर्स के सभाकक्ष में शहर के स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक में शामिल स्वच्छता दूतों से किया। श्री तोमर ने स्वच्छता दूतों से जानना चाहा था कि स्वच्छता अभियान के लिए अभी तक उन्होंने क्या-क्या काम किया है।
इसके जवाब में कई सदस्योंं ने बताया कि निगम चुनाव के लिए प्रभावी आचार संहिता के चलते वे कुछ खास नहीं कर सके। इस पर श्री तोमर ने कहा कि चुनाव आचार संहिता में साफ-सफाई करने से किसने रोका था।
चेंबर सभागार में दोपहर एक बजे से स्वच्छता अभियान को कैसे जन अभियान बनाएं, विषय पर संगोष्ठी थी। श्री तोमर उसी में शामिल होने पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने चेंबर के सभाकक्ष में स्वच्छता दूतों के साथ अभियान की समीक्षा बैठक की। इसमें सबसे पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी से श्री तोमर ने पूछा- क्या हुआ सफाई अभियान का?
इस पर उन्होंने कहा- मैंने गोल पहाड़िया क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया था। नौ की जगह 25 स्वच्छता दूत बना दिए हैं लेकिन चुनाव आचार संहिता लग जाने के कारण सफाई का काम आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद महापौर समीक्षा गुप्ता की बारी थी। उन्होंने अचलेश्वर मंदिर से लेकर जयेंद्रगंज चौराहे तक अभियान चलाने आैर सफाई दूत बनाने की बात कही। इसके बाद चुनाव आचार संहिता के कारण आगे काम न कर पाने की मजबूरी भी बताई।
राकेश जादौन ने आचार संहिता की बात कहते हुए घोसीपुरा क्षेत्र में अभियान चलाने की जानकारी दी। भाजपा के जिला अध्यक्ष अभय चौधरी ने निगम चुनाव में व्यस्त रहने की बात कही तो निगम सभापति बृजेंद्र सिंह जादौन ने अपने मोबाइल पर सफाई अभियान के कुछ फोटो भी दिखाए। चेंबर के अध्यक्ष विष्णु गर्ग की बारी आई तो उन्होंने कहा- मैंं तो चेंबर की सफाई में व्यस्त था। डेढ़ माह में मैंने पिछले सोलह साल से अटके सभागार का निर्माण कार्य पूरा कराया है।
ये सब तो बहानेबाजी है
बैठक में शामिल अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा ने अपनी बारी आने पर दो टूक जवाब दिया। वे बोले- आचार संहिता का हवाला तो एक बहानेबाजी है। मैं खुद रोजाना दो घंटे सफाई अभियान चलाता हूं। मुझे तो किसी ने नहीं रोका। दरअसल, स्वच्छता अभियान के लिए दिल से जुड़ने आैर काम करने की जरूरत है। उनकी बात सुनते ही बैठक में थोड़ी देर के लिए चुप्पी छा गई। बैठक में नवनिर्वाचित महापौर विवेक शेजवलकर भी थे पर वे मौन रहे।
15 दिन बाद फिर मिलेंगे, प्लान बनाकर बताना: केंद्रीय मंत्री
स्वच्छता दूतों की बात सुनने के बाद श्री तोमर ने कहा कि हम सब लोग 15 दिन बाद फिर अभियान की समीक्षा करने बैठेंगे। तब आप सब लोग कागज पर प्लान तैयार करके लेकर आना। उन्होंने स्वच्छता अभियान को लेकर कुछ आध्यात्मिक बातें भी कहीं तो एक सदस्य ने कहा कि आप तो आध्यात्मिक ज्यादा हो रहे हैं। इस पर सभी सदस्यों की हंसी छूट गई।
(फोटो- चेंबर ऑफ कॉमर्स में स्वच्छता अिभयान की समीक्षा बैठक लेते केंद्रीय मंत्री।)