ग्वलियर। टारगेट से कम राजस्व वसूली और हाल ही में पंचायत व नगरीय निकायों के चुनावों में ड्यूटी के चलते परिवहन विभाग ने अपनी विभागीय पद्दोन्नति परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह परीक्षा व्यापमं द्वारा 15 फरवरी को आयोजित कराई जा रही थी। इस परीक्षा के जरिए परिवहन विभाग के बाबूओं उप निरीक्षक बनाया जाना था।
परिवहन विभाग ने उप निरीक्षक के 20 पदों के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन किया था और यह परीक्षा पहली बार व्यापमं द्वारा कराई जानी थी। हालांकि यह प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से चल रही है, लेकिन पहले इसमें कम उम्र वाले क्लर्क शामिल किए जाते थे। पहले विभागीय परीक्षा में शामिल होने के लिए 45 वर्ष की आयु थी और आरक्षित वर्ग के लिए यह आयु सीमा 50 वर्ष थी। इस मुद्दे पर विभाग के कुछ लोग न्यायालय में चले गए थे, जिसके बाद विभाग ने पांच-पांच वर्ष आयु सीमा बढ़ा दी और विकलांग के लिए भी आरक्षण कर दिया। चूंकि पहले विभाग स्वयं ही परीक्षा लेता था, लेकिन उस पर विवाद उठने के कारण परीक्षा कराने का जिम्मा व्यापमं को दे दिया गया। व्यापमं ने आनलाइन आवेदन मंगाए और इसमें करीब 300 लोगों ने आवेदन किया। व्यापमं ने भी 15 फरवरी परीक्षा की तारीख तय कर दी। अब परिवहन विभाग ने व्यापमं को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया फिलहाल रोकने के लिए पत्र लिखा है।
विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है औऱ इसके चलते राजस्व वसूली में अमले की जरूरत है। इसके अलावा हाल ही में नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हुए हैं और कुछ स्थानों पर होने वाले हैं, जिसके कारण यदि परीक्षा आयोजित हुई तो कामकाज पर असर पड़ेगा। इसी के चलते व्यापमं ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा कुछ महीनों बाद ही हो पाएगी।