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ढाई लाख देकर लिया प्रवेश, चार साल में पास नहीं कर पाया एक भी सेमेस्टर

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर. गजराराजा मेडिकल कॉलेज में दतिया के छात्र राजवीर जाटव ने ढाई लाख रुपए देकर प्रवेश तो ले लिया लेकिन चार साल में वह एक भी सेमेस्टर पास नहीं कर पाया। पुलिस ने छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पूछताछ की जा रही है ताकि फर्जीवाड़ा रैकेट का खुलासा हो सके।
एएसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि वर्ष 2010 बैच के छात्र राजवीर जाटव निवासी इंदरगढ़, दतिया के बारे में पता चला था कि उसने फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। इस सूचना के आधार पर उसे तलाश किया जा रहा था, मंगलवार को यह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
राजवीर जाटव ने बताया कि 2009 बैच का जीआरएमसी का छात्र अरुण गौरव उसका रिश्तेदार है। अरुण गौरव ने उसको बताया था कि मेडिकल कॉलेज में पीएमटी दिए बिना भी प्रवेश मिल जाता है इसके लिए रुपए खर्च करना पड़ते हैं।
अरुण ने राजवीर से ढाई लाख रुपए में सौदा तय किया और राजवीर ने अपने दो फोटो उसको दे दिए। पचास हजार रुपए एडवांस भी दे दिए थे। अरुण ने राजवीर का परीक्षा केंद्र भोपाल भरा था, राजवीर परीक्षा देने भोपाल नहीं गया था इसके बावजूद उसका सेलेक्शन मेडिकल कॉलेज में हो गया। श्री जैन के अनुसार राजवीर का अकादमिक रिकॉर्ड मालूम किया तो पता चला कि यह चार साल में एक भी सेमेस्टर पार नहीं कर पाया है।
डॉक्टरी पढ़कर कर रहा था दलाली, गिरफ्तार

पुलिस ने पीएमटी फर्जीवाड़ा रैकेट के एक ऐसे सदस्य को पकड़ा है जो एमबीबीएस करने के बाद फर्जीवाड़ा रैकेट के लिए दलाली कर रहा था। एएसपी श्री जैन के अनुसार गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2010 बैच के फर्जी छात्र गौरव राजपूत ने बताया था कि उसका फर्जी तरीके से प्रवेश सतीश मौर्य ने करवाया था।
सतीश मौर्य के बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि वह जीआरएमसी का 2004 बैच का छात्र है और 2009 में एमबीबीएस करने के बाद रैकेट के लिए दलाली करने लगा था। गौरव का प्रवेश कराने में उसे पच्चीस हजार रुपए मिले थे।
डॉक्टर सागर ने चार डॉक्टरों के नाम बताए, पुलिस सबूत जुटाने में लगी : जगदीश सागर ने पुलिस के सामने खुलासा किया है उसने 1995 से 99 के बीच भी फर्जी छात्रों के प्रवेश करवाए थे। इनमें चार डॉक्टर तो वर्तमान में बड़े पदों पर हैं।
इनमें से एक जयारोग्य अस्पताल में है। इन डॉक्टरों के नामों का खुलासा करने से पुलिस फिलहाल बच रही है। एएसपी श्री जैन का कहना है कि डॉक्टर सागर ने जो नाम बताए हैं उनसे जुड़े सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।