(भगवती की सास ललिता। (लाल घेरे में)
भिंड/ग्वालियर. सास को नाती की चाहत थी। लेकिन जब बहू ने पांचवी बेटी को जन्म दिया तो सास अपनी पोती को अस्पताल में लावारिस छोड़कर दूसरे का बेटा चुरा लाई। सास की काली करतूत की पोल उसकी बहू ने पुलिस के सामने खोल दी। शुक्रवार की सुबह अस्पताल में बहू रोते-बिलखते बार-बार यही कह रही थी कि मैंने बेटी को ही जन्म दिया है, मेरी सास बेटे की चाह में झूठ बोल रही है। लेकिन अब मैं सास के आगे क्या बाेल सकती हूं? इस पर गोहद अस्पताल में हंगामा हो गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रसूता भगवती, उसके पति राजू व नवजात बेटी का डीएनए टेस्ट कराने के लिए खून का सैंपल लिया है। रिपोर्ट आने तक प्रसूताओं को अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार गोहद के सिविल अस्पताल में गुरुवार की रात 11.30 बजे बिरखड़ी निवासी भगवती पत्नी राजू शर्मा ने बेटी को जन्म दिया था। पांच मिनट बाद 11.35 बजे गोहद की गल्लामंडी निवासी वर्षा पत्नी राजेंद्र कुशवाह (26) ने बेटे को जन्म दिया। शेष|पेज 14 पर
नवजात को टैग बांधा होता तो नहीं आती ऐसी नौबत
अस्पताल में बच्चे के जन्म के तत्काल के बाद उसकी पहचान के लिए उसके हाथ या पैर पर टैग बांधा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस पर अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इससे पहले ग्वालियर के केआरएच में बच्चा बदलने के बाद यह तय किया गया था कि बच्चे के जन्म के तत्काल बाद उसके हाथ या पैर में पहचान के लिए टैग बांधा जाए।
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