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सर साइकिल दिलवा दो तो हम भी नेशनल स्पर्धा में गोल्ड लाकर देंगे

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद

साहब हमें भी साइकिल दिला दो तो नेशनल ट्रायथलॉन में हम भी गोल्ड मेडल लाकर देंगे। साइकिल नहीं है, कभी उधार लेनी पड़ती है, दौड़ने के लिए जूते नहीं हैं पर हम काम चला लेंगे। साइकिल जरूरी है। तैराकी में परचम लहरा चुकी जरूरतमंद छात्राएं ने एसपी आशुतोष प्रताप सिंह से मिलीं और अपनी समस्याएं बताई। सोमवार को हॉकी और क्रिकेट की खिलाड़ी किट मांगने पहुंची थीं।

एसपी ने सबकी बात सुनी। कहा किट की व्यवस्था तो करवाई जा सकती है। साइकिल थोड़ा मुश्किल है, लेकिन इसकी कमी भी दूर करेंगे। एसपी खिलाड़ियों की आपबीती सुनकर भावुक हो गए। एसपी ने बताया खिलाड़ियों ने अपनी समस्याएं बताई हैं। मुश्किल नहीं है। किट उपलब्ध करवाएंगे। खिलाड़ियों का उत्साह देखकर अच्छा लगा। संभव हुआ तो साइकिल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

क्या है ट्रायथलॉन : ट्रायथलॉन 1500 मीटर तैराकी के बाद, तैराक को 40 किलोमीटर साइकिलिंग करनी होती है, इसके बाद 10 किलोमीटर रनिंग करना होती है। जिसमें अव्वल होने पर पदक मिलता है।

प्रतिभा के धनी गरीब खिलाड़ियों की जरूरत
ट्रायथलॉन की विशेष साइकल 30 हजार रुपए की है, सामान्य साइकिल से नेशनल खेलना संभव नहीं। गरीब परिवारों में सही डाइट नहीं मिलने के कारण, खिलाड़ी हताश होकर खेल बदल रहे हैं। दौड़ने के लिए बेहतर जूते नहीं हैं, जिससे अभ्यास करना मुश्किल होता है।

ऐसी हैं तीन कहानियां

अंडे की दुकान लगाई, फिर भी बनी नेशनल प्लेयर :
दीपा रैकवार गर्ल्स स्कूल में नवमीं की छात्रा है। तैराकी के दो नेशनल खेल चुकी है। पिता 2010 में चल बसे। मां घरों में काम करके परिवार चलाती है। दीपा शाम को अंडे की दुकान लगाती है। पढ़तें और तैरते हैं। दीपा ट्रायथलॉन में जाना चाहती है।

उधार लेकर चलाई थी साइकिल: साधना रैकवार ने ट्रायथलॉन नेशनल खेलने के लिए सौरभ नाम के एक अन्य खिलाड़ी से साइकिल उधार ली थी। जब गोल्ड मेडल मिला तो सौरभ भी खुश हो गया। सामान्य साइकिल से पिछड़ते हैं।

सात भाई- बहन में 4 नेशनल तैराक : पिता नहीं हैं। दीक्षा रैकवार की मां घाट पर नारियल की दुकान लगाती हैं। नारियल पकड़ने के लिए नर्मदा में तैरती थी। दीक्षा, हीरा, महेंद्र लकी तैराकी के नेशनल प्लेयर हैं। लेकिन सुविधाएं नहीं होने के कारण पिछड़ रहे हैं। इसलिए अब क्रिकेट खेलना पड़ रहा है।

होशंगाबाद। पुलिस अधीक्षक आशुतोष प्रताप सिंह से मिलने पहुंचे खिलाड़ी।

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