सीई ने गंदगी देख इंजीनियर को टंकी पर चढ़ाया
भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद
जबलपुर रेल जोन के चीफ इंजीनियर जीएम गोयल शुक्रवार होशंगाबाद स्टेशन पर पानी की टंकी के पास गंदगी देख भड़क गए। उन्होंने आईओडब्ल्यू विभाग के स्थानीय इंजीनियर हीरामन युवने को टंकी पर चढ़ा दिया और बोले देखों कितनी गंदगी है। यहीं पानी यात्री और रेलवे कॉलोनी में सप्लाई कर रहे हो। वेटिंग रूम के टॉयलेट में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। सबसे ज्यादा नाराजगी पेयजल को लेकर थी। वे बोले तत्काल ठीक कराओ।
गोयल ने सुबह 11 बजे निरीक्षण की शुरुआत प्लेटफार्म नंबर 2 के उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय से की। वे प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित पानी की टंकी के पास पहुंचे। आईओडब्ल्यू के इंजीनियरों से टंकी खस्ताहाल देखकर पूछा बाहर से टंकी इतनी गंदी है, कभी क्लोरीन डालते हो। इंजीनियर बोले जी सर। इंजीनियर हीरामन युवने को टंकी के ऊपर चढ़ाया और क्लोरीन का स्टॉक पूछा। अधिकारी क्लोरीन का स्टॉक नहीं बता पाए। टंकी के नीचे पानी रिस रहा था गंदगी थी। चीफ इंजीनियर ने कहा जो पानी टंकी से रिसकर जमा हो रहा है, वही सीपेज से पाइप लाइन के जरिए नलों में पहुंच रहा है। उन्होंने पूछा टंकी का पानी कहां-कहां सप्लाई होता है। जवाब मिला प्लेटफार्म और रेलवे कॉलोनियों में। वे बोले मतलब यात्री और कॉलोनीवासी गंदा पानी पी रहे है, इसे ठीक करो, यह नहीं चलेगा।
महिला सुविधाघर भीतर से बंद मिला
सीई को प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्थित महिला सुविधाघर भीतर से बंद मिला। उन्होंने अधिकािरयों से पूछा अंदर से सुविधाघर बंद कैसे हुआ। किसने किया। एसएस ने जवाब दिया, नहीं मालूम। उन्होंने कहा, संपत्ति आपकी, अंदर से यह बंद है और आपको मालूम ही नहीं। यह बेहद गलत है।
एसएस से पूछा निरीक्षण कब किया: सीई ने प्लेटफार्म नंबर दो के उच्च श्रेणी यात्री वेटिंग रूम के टॉयलेट चैक किए। इसमें कमियां मिलीं। एसएस से सवाल किया निरीक्षण कब किया था, वे बता नहीं पाए। पार्सल कार्यालय में बंद लॉकर देख नाराज हुए। टिकट विंडो के सामने गंदगी देख भड़क गए। कहा कैसी सफाई है। स्टेशन का क्या हाल बना रखा है। यात्रियों के साथ धोखा है। बिल्कुल नहीं चलेगा।
नक्शे में देखी खाली जमीन: सीई ने स्टेशन के दोनों तरफ खाली जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियों की संभावना तलाशी। वे प्लेटफार्म नंबर 2 के बुदनी आउटर तक पैदल गए। नक्शा मंगवाया। पूछा नक्शे में खाली जमीन कहां है। नक्शा अधूरा था। आईओडब्ल्यू के इंजीनियर ने कहा मोटा-मोटा इसी नक्शे में है। वे बोले मोटा-मोटा तो मैं देख चुका हूं, नक्शा भी चाहिए। निरीक्षण की ऐसी तैयारी की है आपने।
चीफ इंजीनियर साइकिल स्टैंड पहुंचे। यहां बाइकों पर धूल जमी देखी। कर्मचारी से पूछा तो वह यह नहीं बता सका कि बाइक कितने दिनों से खड़ी है। उन्होंने कहा स्टैंड है या कबाड़खाना। एसएस से कहा बाइक मालिकों पर जुर्माना क्यों नहीं करते। क्या सब ऐसा ही चलेगा। रेलवे स्टेशन आपका है और ख्याल मैं रखूंगा ऐसा कैसे हो सकता है।
स्टेशन आपका, ख्याल मैं रखूं
होशंगाबाद| स्टेशन के बाहर गड्ढा देखकर ठीक करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण