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स्कूल आठवीं तक, एक जज, दूसरा दुबई में

5 वर्ष पहले
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काजलखेड़ी में हाई स्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल नहीं, बावजूद इसके निकली प्रतिभाएं
गांव में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था है लेकिन उच्च शिक्षा की नहीं। मिडिल स्कूल 20 साल पहले खुला था। यहां के नरेश मीणा विदिशा में न्यायाधीश तो शरद मीना दुबई में साफ्टवेयर इंजीनियर है। पढ़ाई को लेकर ग्रामीण जागरूक है पर वे स्कूल की कमी महसूस करते है। माध्यमिक शिक्षा के बाद बागरातवा, इटारसी, होशंगाबाद जाना पड़ता है। 70 प्रतिशत से ज्यादा साक्षरता है। 2302 जनसंख्या के काजलखेड़ी में सड़क, बिजली, पानी, 50 प्रतिशत घरों में सुविधाघर है। विकास नहर आने के बाद हुआ। गांव कृषि प्रधान है। गेहूं, धान और मूंग की पैदावार ख्ूब होती है।

रामायण पाठ करते हुए

विधायक की पहल
विधायक विजयपाल सिंह ने आदिवासी बाहुल्य विकास निधि से 20 फीट चौड़ी मुख्य सड़क बनवाई है। मंदिर में माइक सेट, हारमोनियम, क्रिकेट किट, जिम की सुविधा भी दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मंगल भवन की राशि दी। जिसका भूमिपूजन हो चुका है।

गांव में यह कमियां
खिलाड़ियों के लिए मैदान नहीं।

हाईस्कूल व हायरसेकंडरी नहीं।

जिम है पर भवन नहीं।

गुजरवाड़ा रोड जर्जर।

बुधवाड़ा से मेंदवाड़ी सड़क नहीं बनने से अत्यधिक परेशानी।

कई गरीबों को इंदिरा आवास व सीएम आवास नहीं मिले।

समग्र आईडी में गड़बड़ी।

वार्ड 9-10 में विकास कार्य नहीं हुए। बारिश में घरों में पानी घुसता है।

शराबी ज्यादा होने से आए दिन लड़ाई-झगड़े होते है।

स्कूल रोड पर नाली खोदी गई है। जिससे लोग परेशान होते है।

12 वर्षों से रामायण
3 अगस्त 2005 से खेड़ापति मंदिर में अखंड ज्योत व अखंड रामायण पाठ हो रहा है। पढ़ने वालों के दिन निश्चित है। पहले चिमनी के उजाले में पढ़ी जाती थी, लेकिन अब बिजली व इन्वर्टर की व्यवस्था है। करीब 3850 पाठ हो चुके है। मंदिर अखेराम मीना ने बनाया था। मंदिर प्रांगण में ही बड़े आयोजन होते है। 8 फरवरी को मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में भंडारा होता है।

शरद मीना (दुबई) साफ्टवेयर इंजीनियर

जैसा कि सरपंच लालजीराम मीना, अंशुमान मीना, गौरव मीना, रामप्रसाद मीना, अमरीश मालवीय, सुनील सल्लाम, आनंद चौरे, दिनेश चौरे ने बताया।

गांव की कहानी
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