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नाबालिग ने बेटे के साथ पुनर्वास की मांग की

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद

जिला पंचायत सभा कक्ष में नाबालिग मां अपने पिता के साथ 7 माह के बेटे को लेकर जनसुनवाई में पहुंची। जिला पंचायत सीईओ अभिजीत अग्रवाल और डिप्टी कलेक्टर राजेश राठौर ने उनसे चर्चा की। पहले दोनों अधिकारी कुछ समझ ही नहीं पाए। पीड़ित अपने साथ आवेदन नहीं लाए थे। नाबालिग अपने बच्चे के साथ खेल रही थी। जैसे ही पिता ने नाबालिग बेटी की कहानी अधिकारियों को बताई। वे नाबालिग और उसके बच्चे को एक टक देखते रहे। पिता का कहना था बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को तो सजा मिल गई। वह जेल में है। कोर्ट ने बेटी को पुनर्वास के लिए शासन से 1 लाख 50 हजार देने को कहा था। जो अब तक नहीं मिला। सीईओ अग्रवाल ने तुरंत विधिक सहायता कार्यालय में बीएम सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने बताया पीड़ित का पैसा आ चुका है। जल्द ही उसे राशि मिल जाएगी। दरअसल, 10 जुलाई 2015 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की कोर्ट में हुए फैसले के अनुसार बाबई के बज्जर-बाड़ा गांव में नाबालिग के साथ आरोपी चतरसिंह उर्फ चतरू ने घर में घुसकर ज्यादती की। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह गर्भवती हो गई। बाद में नाबालिग ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में ज्यादती के अपराध में आरोपी चतरसिंह को 12 साल की सजा हुई। सजा के अलावा कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया वह पीड़िता को 1. 50 लाख रुपए हर्जाने के दे। इससे वह नया जीवन शुरू कर सके।

रायपुर गांव में कई घरों की बिजली काटी
रायपुर गांव से लगभग डेढ़ दर्जन महिलाएं घर का बिजली कनेक्शन काटने की शिकायत लेकर आई थीं। उन्होंने बताया बिजली कंपनी ने घरों के बिजली बिल ज्यादा दिए। इससे किसी ने 4 तो किसी ने 6 माह का बिल नहीं जमा किया। घरों में लगभग 20 हजार से 60 हजार तक का बिल बकाया है। अधिकारियों ने जांच कराने का भरोसा दिलाया है।

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