नर्मदा जयंती से पहले दो फाड़ लेजर शो को लेकर खींचतान
नर्मदा जयंती समारोह समिति ने टेंडर को लेकर दर्ज कराई आपत्ति
शो के लिए समिति की तरफ से राशि देने से इंकार
विधानसभा अध्यक्ष और कलेक्टर को भेजे पत्र
भास्कर संवाददाता|होशंगाबाद
इस साल नर्मदा जयंती महोत्सव राजनीतिक घमासान में तब्दील हो गया है। नगर पालिका प्रशासन और जयंती समारोह समिति खींचतान में लगे हैं। गुरुवार को समिति ने लेजर शो के लिए राशि देने से इंकार कर मामले को तूल दे दिया। इस संबंध में समिति सदस्यों की तरफ से अध्यक्ष और कलेक्टर को पत्र भेजा गया है। इसमें यह हवाला दिया है कि लेजर शो के लिए टेंडर बुलाए हैं या नहीं यह तय नहीं है। ऐसे में पारदर्शिता का सवाल खड़ा हो गया है।
सदस्यों ने यह तक लिख दिया है कि अगर लेजर शो कराना है तो नपा स्वयं के खर्च से कराए। जयंती समारोह की तरफ से इसके लिए राशि देना उचित नहीं होगा। यह पहली बार है कि जयंती समारोह शुरू होने के 24 घंटे पहले तक (खबर छपने तक) अतिथि तय नहीं हो सके हैं। मजेदार बात तो यह है कि आमंत्रण पत्र के लिफाफे छप गए हैं लेकिन अतिथि तय न होने से कार्ड नहीं बन पाए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि कार्ड कब छपेंगे और कब बटेंगे।
नर्मदा जयंती महोत्सव शनिवार से शुरू होगा। तीन दिवसीय महोत्सव के लेजर शो को लेकर नर्मदा जयंती समारोह समिति के सदस्य पं. गोपाल प्रसाद खड्डर, महेंद्र चौकसे, पं. दिनेश तिवारी ने गुरुवार को समिति अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा व कलेक्टर संकेत भोंडवे को आपत्ति जताता पत्र भेजा। इसमें दो बिंदुओं पर पांच सवाल उठाए गए हैं।
आपत्ति का कारण
कन्या पूजन का कार्यक्रम नगरपालिका प्रशासन ने तय किया है। 33 वार्ड से एक-एक कन्या इसमें शामिल होगी। चूंकि कार्यक्रम नपा का है और इसका राजनीतिक लाभ अध्यक्ष को मिल सकता है। इसलिए आपत्ति दर्ज कराई जा रही है।
आपत्ति का कारण
लेजर शो का कारण नपा ने तय किया है। नपा में अखिलेश खंडेलवाल अध्यक्ष है। वह नर्मदा जयंती समारोह समिति अध्यक्ष के धुर विरोधी माने जाते हैं। दोनों के बीच सीधे तौर पर तो विरोध नहीं दिखता है, लेकिन कार्यशैली और कार्यक्रमों में कई मर्तबा यह जाहिर हो चुका है।
शिकायती पत्र में यह है हवाला
दूसरा बिंदु
समिति सदस्यों को कन्या पूजन कार्यक्रम के समय पर भी आपत्ति है।
सदस्यों का कहना है मां नर्मदा का जन्म दोपहर 12 बजे होता है। इसी समय अभिषेक किया जाता है। कन्याओं का सम्मान भी नर्मदा जन्म के समय कराना चाहिए। यह शास्त्रोक्त है।
जयंती महोत्सव में कन्या पूजन का कार्यक्रम पहली बार जोड़ा गया है। मकसद 33 वार्डों का प्रतिनिधित्व करना है।
पहला बिंदु
लेजर शो का निर्णय नपा का है। इस पर कितनी राशि व्यय होगी। इसकी जानकारी नहीं दी है।
लेजर शो क्या है। कैसा है। व्यय की जाने वाली राशि के अनुरूप है या नहीं। इसकी जानकारी नहीं है।
लेजर शो के लिए विज्ञापन के माध्यम से टेंडर नहीं बुलाए गए हैं। पारदर्शिता नहीं दिख रही है। समिति को अंधेरे में रखा है।
लेजर शो का खर्च नपा स्वयं करे। नर्मदा जयंती समारोह से राशि देना उचित नहीं होगा।
लेजर शो का निर्णय नपा का है, प्रशासन का नहीं। शांति समिति ने कलरफुल फाउंटेन का निर्णय लिया था। अतिथि तय क्यों नहीं हुए इसका जवाब समिति व नपा ही दे सकती है। संकेत भोंडवे, कलेक्टर
लेजर शो का निर्णय शांति समिति का है। नपा का नहीं। समिति सदस्यों के पत्र का जवाब भेज दिया जाएगा। लेजर शो के मामले में पारदर्शिता रखी गई है। अखिलेश खंडेलवाल, नपाध्यक्ष
नर्मदा जयंती महोत्सव समिति के सवाल गलत नहीं है। नपा को पारदर्शिता रखना चाहिए। समिति जयंती भव्यता से मनाएगी। गलती दिखने पर हस्तक्षेप करेंगे। पं. गिरिजाशंकर शर्मा, जयंती महोत्सव समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि
फ्लैश बैक : ड्रम से बनता था जलमंच
नर्मदा जयंती महोत्सव में पहले सेठानी घाट की सीढ़ियों से ही पूजन किया जाता था। बाद में लोहे के ड्रमों को बांधकर जलमंच बनाया जाने लगा। फिर नावों पर मंच बनने लगा। 4 साल से जेटिस का जलमंच बन रहा है। इस पर 150 लोग बैठ सकते हैं।
150 लोग बैठेगेंे मंच पर
जलमंच गुरुवार शाम तैयार हो गया। 600 वर्गफीट के मंच पर 150 लोग बैठ और खड़े रह सकते हैं। फाइनल रिपोर्ट शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग देगा।
पार्षद भी पीछे नहीं
महोत्सव के घमासान को बढ़ाने में पार्षद भी पीछे नहीं हैं। पार्षदों का कहना है महोत्सव समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि तय कर सकते हैं तो हम भी एक-एक प्रतिनिधि बनाएंगे। पार्षद लोकेश गोगले ने कहा शुक्रवार को प्रतिनिधि तय करेंगे। इधर, अतिथियों के नाम भले ही तय न हुए हो लेकिन आमंत्रण पत्र का लिफाफा छप गया है। यह बात और है कि लिफाफे में डलने वाले कार्ड अब तक तैयार नहीं हुए हैं।
सेठानीघाट पर जयंती महोत्सव के लिए तैयार जलमंच।