पौने चार एकड़ में अवैध उत्खनन रेवेन्यू टीम ने बनाया पंचनामा
एसडीओ सिंचाई आए सीमांकन करवाने, चार घंटे चली जमीन की नपाई
भास्कर संवाददाता | इटारसी
कीरतपुर के सूखे जलाशय की पौने चार एकड़ जमीन पर अवैध उत्खनन पाया है। इसकी पुष्टि रविवार को स्थल का सीमांकन करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने की है। रविवार को चार घंटे चले सीमांकन के बाद रेवेन्यू टीम पंचनामा प्रतिवेदन सोमवार को तहसीलदार को देगी। इसके बाद उत्खनन का मूल्यांकन खनिज विभाग को करना है। ग्रामीणों की शिकायत है जलाशय में मिट्टी की खुदाई कीरतपुर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की सड़क बनाने गुजरात की कंपनी वीआरएस के पेटी कांट्रेक्टर ने की। इस उत्खनन के लिए प्रशासनिक तौर पर कोई अनुमति नहीं ली गई। मिट्टी उत्खनन होने की भनक लगने पर सिंचाई विभाग ने आनन-फानन में जलाशय की जमीन के सीमांकन की अर्जी राजस्व अधिकारियों को दी। इसी के चलते सिंचाई विभाग के एसडीअो भी टीम लेकर कीरतपुर पहुंच गए।
कीरतपुर में कुबड़ाखेड़ी-जिलवानी जलाशय है। बारिश की कमी से दो-तीन साल से पानी नहीं है। इस सूखे तालाब से रातों-रात खुदाई का काम पोकलेन मशीन से होता रहा जिसकी भनक तक अधिकारियों को नहीं लगी। तालाब से बिना अनुमति लिए निकाली गई मिट्टी निर्माणाधीन सड़क पर डाल दी गई। गांव के लोग जब शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे तो प्रशासन को अवैध उत्खनन का पता चला। इसके बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम स्थल मुआयना करने पहुंचीं। वहां उत्खनन करने वाली पोकलेन मशीन मिली। खसरा व नक्शा देखकर पटवारियों ने पंचनामा बनाया। सिंचाई विभाग को भी अपनी जमीन की सुध आई। रेवेन्यू विभाग को अर्जी देने पर जमीन का सीमांकन करने के आदेश हुए हैं।
दो घंटे तक एसडीओ करते रहे पटवारियों का इंतजार
चार घंटे चला सीमांकन, 3.74 एकड़ में उत्खनन
टीम ने पाया सिंचाई विभाग की 23 एकड़ जमीन है और नाले के उस तरफ उद्योग विभाग के हिस्से में चली गई भूमि 7 एकड़ है। खसरा-नक्शा देखकर पटवारी चार घंटे तक सीमांकन करते रहे। टीम में शामिल क्षेत्र के पटवारी गिरवरसिंह विश्वकर्मा ने बताया पौने चार एकड़ (3.74 एकड़) में अवैध उत्खनन हुआ है। जमीन के एक हिस्से में 2.44 एकड़ और दूसरे हिस्से में 1.30 एकड़ में खुदाई की गई। पटवारी बोले, हम पंचनामा प्रतिवेदन तहसीलदार को देंगे। उत्खनन का मूल्यांकन कर खनिज विभाग को अगली कार्रवाई करनी है।
होशंगाबाद से एसडीओ की विभागीय टीम सुबह 10.30 बजे ही आ गई थी। इसमें एक सब इंजीनियर और दो टाइमकीपर थे। स्थल पर एसडीओ दो घंटे तक सीमांकन करने आने वाले पटवारियों का इंतजार करते रहे। स्थल के पास सरकारी वाहन में बैठे सिंचाई विभाग के एसडीओ वीएल गुप्ता ने कहा सीमांकन चल रहा है। जलाशय तो 52 एकड़ में बना है लेकिन 23 एकड़ भूमि सिंचाई विभाग के आधिपत्य में है। बारिश नहीं होने से इसका पानी सूख गया। स्थल देखकर लगता है पांच से सात फीट तक उत्खनन कर मिट्टी निकाली गई। हमारा अनुमान चार एकड़ में अवैध उत्खनन का है, लेकिन सीमांकन के बाद सही रिपोर्ट मिलेगी।