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अस्पताल में सफाईकर्मी 12, वेतन निकला 18 का

5 वर्ष पहले
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इटारसी| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सरकारी अस्पताल में सुबह-शाम होने वाली साफ-सफाई व्यवस्था का ठेका इंदौर की एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी ने जनवरी में एक सुपरवाइजर मिलाकर 12 सफाई कामगार रखे लेेकिन बिल 18 का थमा दिया। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी पुष्टि कर दी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके शिवानी ने स्वीकार किया कि रतन एम्पोरियम कंपनी ने 18 कर्मचारियों का जनवरी का बिल अस्पताल की आॅडिट शाखा में भुगतान के लिए दिया है। डॉ. शिवानी ने कुछ दिन पहले ही अस्पताल अधीक्षक का चार्ज संभाला है। ठेका कंपनी के भुगतान का बिल उनकी टेबल तक पहुंचा तो यह गड़बड़ी सामने आई। बिल में गड़बड़ी उजागर होने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने अस्पताल की साफ-सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी की फाइल की जांच भी की है। अस्पताल में काम करने वाले सभी सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर रेट से प्रति माह का वेतन दिया जाता है। कलेक्टर रेट से एक सफाई कामगार का वेतन 6 हजार 575 के हिसाब से और सुपरवाइजर को 8 हजार 810 रुपए के हिसाब से दिया जाता है।

अस्पताल में 12 कर्मचारी सफाई का काम कर रहे हैं। कंपनी 18 सफाई कर्मचारियों का भुगतान का बिल लगा रही है। यह नियम विरुद्ध है। इसकी मॉनीटरिंग अधीक्षक को करना चाहिए। उन्हीं को सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगवानी चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलेगी तो कंपनी पर कार्रवाई होगी। एएल मरावी, सीएमएचओ

इंदौर की रतन एम्पोरियम कंपनी के सफाई कर्मचारी अस्पताल की सफाई करते हैं। अस्पताल में 12 सफाई व एक सुपरवाइजर काम कर रहे हैं। कंपनी के ठेकेदार ने 18 कर्मचारियों का बिल भुगतान के लिए दिया है। बिल की जांच करने के बाद भुगतान किया जाएगा। एके शिवानी, अधीक्षक

अस्पताल में 16 सफाई कर्मचारी और 2 सुपरवाइजर मिलाकर 18 कर्मचारी सफाई व्यवस्था का काम देखते हैं। 18 कर्मचारियों का ही एक माह का बिल भुगतान के लिए अस्पताल में दिया है। बलजीत सिंह, सुपरवाइजर रतन एम्पोरियम कंपनी

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