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बिजली सब-स्टेशन का घेराव सड़क पर दो घंटे चक्काजाम

5 वर्ष पहले
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चार दिन से खेतों की बिजली सप्लाई बंद होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को जमानी के बिजली सब स्टेशन का घेराव कर दिया। मलोथर फीडर से जुड़े आठ गांवों की बिजली सप्लाई चालू करने की मांग पर अड़े किसानों ने तीन गांवों की बिजली काट दी। सूचना एसडीएम को दी फिर भी बिजली अधिकारी आधे घंटे तक नहीं आए तो किसानों ने सब-स्टेशन के सामने गाड़ियां व झाड़ियां पटक दीं और सड़क पर बैठ कर चक्काजाम कर दिया। लगभग 2 घंटे तक जमानी मार्ग पर दोनों तरफ वाहन फंसे रहे। एसडीओपी, तहसीलदार व बिजली कंपनी के डीजीएम के आने पर किसानों से बातचीत हुई। दो शिफ्टों की बजाय एक शिफ्ट में 10 घंटे बिजली देने पर सहमति बन गई। बिजली कंपनी ने फाल्ट ढूंढकर दोपहर डेढ़ बजे मलोथर फीडर की बिजली चालू करवा दी।

10 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर राजी हुए किसान
चकाजाम खत्म करवाने कंपनी के डीजीएम को लाइनमैन बदलने पर सहमति देनी पड़ी। यह तय हुआ कि दो शिफ्ट की बजाय एक ही शिफ्ट में 10 घंटे सिंचाई की बिजली सप्लाई दे देंगे। किसान इस बात पर अड़ गए कि तीन दिन बिजली बंद रही। इस कारण 30 घंटे अतिरिक्त बिजली दी जाए। यह सुनकर बिजली अधिकारी बोले, अगर एक दिन में 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी तो हमारी तनख्वाह कट जाएगी। ग्रामीणों ने यह समस्या भी बताई कि रात में खेतों तक रीछ आ जाते हैं जिससे सिंचाई का काम छोड़कर किसानों को घर जाना पड़ता है।

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एसडीआेपी समझाने आए, बिजली अधिकारी भी पहुंच गए
चकाजाम की सूचना मिलने पर पथरौटा से एक एएसआई व कुछ पुलिस वाले आ गए। इटारसी एसडीओपी मंगलसिंह ठाकरे आए। वे किसानों को 15 मिनट तक समझाते रहे कि रास्ता चालू करवा दो। हम समस्या हल करवाते हैं। तहसीलदार भी आ गए। थोड़ी ही देर में बिजली कंपनी के उप महाप्रबंधक सुधीर शर्मा आ गए। किसान विवेक साध, मूलचंद, हेमराज साध व संजय लौवंशी ने उन्हें बताया कि चार दिन से बिजली की समस्या झेल रहे हैं।



डीई शर्मा ने अपना फाेन नंबर देते हुए कहा, कभी भी ऐसी दिक्कत आए तो सीधे हमें फाेन करें।

सुनवाई करने आए अधिकारियों ने रास्ता खुलवाया।

फसल पर बुरा असर पड़ेगा
सब स्टेशन के सामने चकाजाम की नौबत मलोथर फीडर पर चार दिन से खेतों की बिजली सप्लाई गड़बड़ाने से आई। फीडर से जुड़े गांव मलोथर, टांगना, मातापुरा, पारछा, बांदरी, खटामा, अमाड़ा व तालपुरा के किसान खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। नहर बंद होने में 10-12 दिन बचे हैं। गेहूं को आखिरी पानी देना है। सिंचाई समय पर नहीं हुई तो फसल पर बुरा असर पड़ेगा। किसान रामशंकर लोवंशी ने बताया कि लाइनमैन तीन दिन से फोन नहीं उठा रहा था। पथरौटा में जेई को समस्या बताई तो वे आश्वासन देते रहे। किसानों को पता चला कि मलोथर-जमानी के बीच 8 किलोमीटर की लाइन में कहीं फाल्ट है जिसे सुधारा नहीं जा रहा था।

9.15 बजे : किसान बिजली अधिकारियों के आने का रास्ता देखते रहे। फिर सभी किसान व ग्रामीण सब स्टेशन के सामने बैठ गए। सड़क पर झाड़ियां रखकर रास्ता बाधित कर दिया। सूचना मिलने पर और भी किसान आने लगे। उन्होंने अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर दीं।

8.45 बजे : सब स्टेशन को घेरकर बैठे किसानों ने इटारसी एसडीएम आरएस पटले को फोन लगाया। उन्हें घटना की सूचना दी। किसानों ने चेताया कि आप आधे घंटे में बिजली कंपनी के अधिकारियों को भिजवा दें नहीं तो चकाजाम शुरू कर देगें। यह सुनकर एसडीएम ने किसानों से कहा, ऐसा न करें।



हम अभी विभागीय अधिकारियों को भिजवाते हैं।

सुबह 7.30 बजे : नाराज किसान जमानी सब स्टेशन पर आ गए। वहां सिर्फ ऑपरेटर मिला। किसानों ने पूछा, लाइट क्यों नहीं ठीक करवा रहे होω ऑपरेटर ने यह कहकर असमर्थता जताई कि फील्ड का काम लाइनमैन का है। यह सुनकर किसान दूसरे गांवों की बिजली सप्लाई बंद करवाने पर आमादा हो गए।

किसानों ने तीखड़, ग्वारी व जमानी की बिजली बंद करवा दी।

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