गेहूं बोया या नहीं, खेत जाकर पटवारी कर रहे सत्यापन
भास्कर संवाददाता | इटारसी
किसान ने गेहूं की फसल बोयी या नहीं, इसका सत्यापन पटवारी खेत में जाकर कर रहे हैं। सत्यापन होने पर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी जाएगी। इसी आधार पर गेहूं बेचने वाले किसानों का पंजीयन होगा। अगर किसी ने गेहूं फसल लगाए बिना पंजीयन कराया है तो उसे निरस्त किया जाएगा।
सोसायटी केंद्र पर गेहूं बेचने के पहले किसानों को पंजीयन कराना अनिवार्य है। तहसील में 13 सोसायटियां हैं। अब तक 359 किसान ही पंजीयन करा पाए हैं। 3926 किसान पुराने हैं, जिन्होंने पंजीयन का नवीनीकरण करा लिया है। पंजीयन का काम 15 फरवरी तक चलेगा। हालांकि पंजीयन नवीनीकरण कराने की अंतिम तारीख 22 फरवरी रखी गई है।
तहसीलदार आरके पटेल ने बताया किसान ने खेत में गेहूं की फसल बोयी है या नहीं उसके बारे में सत्यापन किया जा रहा है। किसान ने अगर खेत में गेहूं फसल नहीं बोई है तो उसका पंजीयन नहीं होगा। इसके बाद भी अगर किसान ने पंजीयन करा लिया है तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
पंजीयन कराने में यह लग रहे दस्तावेज
किसानों को पंजीयन कराने बैंक खाता, बही, आधार कार्ड, समग्र आईडी की फोटोकाॅपी लेकर सोसायटी केंद्र पर देना होगा। सिकमी पर खेती करने वाले किसानों को सिकमीनामा व जिस किसान से जमीन सिकमी पर ली है उसकी बही बतानी होगी। सिकमी करने वाले किसान का पंजीयन सोसायटी करेगी।