15 मार्च तक दूर हो सकेगी गंदगी की समस्या
लगभग 22 साल पहले सन 1994 में इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 का एप्रॉन बना था। इसकी 20 साल की समयावधि 2014 में खत्म हो चुकी है। अब 15 मार्च तक प्लेटफार्म का एप्राॅन बनाने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने 45 दिन का समय दिया है। इस दौरान प्लेटफार्म का रेलवे ट्रैक ब्लॉक रहेगा। तय समय में एप्रॉन का निर्माण ठेकेदार को पूरा करना है। प्लेटफार्म नंबर तीन की लंबाई 635 मीटर लंबी है। इस पर मुंबई छोर के शंट सिग्नल नंबर-38 से एप्राॅन का निर्माण शुरु हो गया है। एक वर्ष पूर्व प्लेटफार्म के दोनों छोर बढ़ाकर लंबाई 100 मीटर बढ़ा दी थी।
ब्लॉक से 45 दिन ट्रेनों की आवाजाही बंद
प्लेटफार्म नंबर-3 पर 45 दिन का एप्रॉन निर्माण के लिए रेलवे ने इंजीनियरिंग विभाग को ब्लॉक दिया है। इस प्लेटफार्म पर अप-डाउन दोनों तरफ से आने वाली ट्रेनों को स्टेशन के अन्य प्लेटफार्म से निकाला जा रहा है।
काम पूरा करने के लिए 45 दिन का ब्लाक लिया
पटरियों के बीच में एप्रॉन बनता है। एप्रॉन की अवधि खत्म होने पर नया एप्रॉन बनाया जा रहा है। काम आसानी से पूरा हो सके इस कारण 45 दिन का ब्लाक लिया गया है। वॉयएस वघेल, स्टेशन प्रबंधक
गंदगी के बीच काम करने से मिलेगी मुक्ति
प्लेटफार्म पर पक्का एप्रॉन बनने के बाद रेलवे कर्मचारियों को ट्रेन आने के बाद गंदगी के बीच काम करने की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पक्का एप्राॅन होने पर साफ-सफाई भी बेहतर तरीके से होगी। इससे गंदगी नहीं दिखेगी। इधर, मुंबई और दिल्ली छोर पर एप्रॉन कच्चा था। प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के बाद रेलकर्मियों को लोको इंजन बदलने में कठिनाई होती थी। पाइंट्समैन को ट्रैक की गंदगी में खड़े होना पड़ता था। अब प्लेटफार्म पर पक्का एप्रॉन बनने के बाद कर्मचारियों को सुविधा होगी।
2 और 4 प्लेटफार्म के एप्रॉन क्षतिग्रस्त
रेलवे स्टेशन पर 7 प्लेटफार्म हैं। इनमें 4 प्लेटफार्म ऐसे हैं जिनके एप्रॉन कुछ समय पहले ही पक्के हुए हैं। इसमें से प्लेटफार्म 2 और 4 पर पक्के एप्रॉन हैं। लेकिन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने से ट्रैक पर नालियों का पानी जमा रहता है। इससे ट्रैक की पूरी तरह सफाई नहीं हो पाती है। इन दोनों प्लेटफार्म पर भी एप्रॉन का काम होना है।
सुधार कार्य