अंडरब्रिज निर्माण: डाउन ट्रैक का काम पूरा किया
डाउन ट्रैक के नीचे निर्धारित 6 सीमेंटेड बॉक्स गुरुवार दोपहर में फिट कर दिए। बुधवार को तीन बॉक्स जो ठीक पटरियों के नीचे आने थे उन्हें फिट किया था। खुदाई सहित पटरियों को दोबारा फिट करने में रात हो गई थी। गुरुवार को सुबह से फिर काम शुरू हुआ। 50-50 टन वजनी 3 बॉक्स क्रेन और मजदूरों की मदद से फिट किए गए। अब 13 फरवरी को अप ट्रैक के नीचे बाकी के 6 बॉक्स फिट किए जाएंगे। इसके बाद अंडरब्रिज तैयार हो जाएगा। इसके बाद बॉक्सों की पैकिंग और जरूरी मेंटेनेंस का काम होगा। 14 फरवरी तक ट्रैक के नीचे का सारा काम पूरा हो जाएगा। अभी अंडरब्रिज के नीचे से ट्रैफिक शुरू नहीं होगा। इसमें 20 से 25 दिन का समय लगेगा। अंडरब्रिज से लेकर रेलवे की सीमा तक एप्रोच रोड भी बनना है। बॉक्स के अंदर भी सीमेंटीकरण होना है। अंडरब्रिज के पचमढ़ी रोड हिस्से में राईखेड़ी तरफ से एप्रोच रोड बन चुकी है। काली मंदिर के बाजू से एप्रोच रोड का काम बाकी है। रेलवे की सीमा में रेलवे ठेकेदार काम कराएगा। जबकि राज्य सरकार की जमीन पर सरकारी विभाग रोड बनाने का काम होगा।
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद अंडरब्रिज के नीचे से ट्रैफिक चालू करा दिया जाएगा। काम होते देख लोगों को सुकून मिल रहा है। सालों से जिस रेलवे गेट के कारण लोग परेशान होते थे। कुछ समय बाद यहां खड़े होकर इंतजार करना और जाम में फंसे रहने से मुक्ति मिलेगी। सबसे ज्यादा लाभ बाइक सवारों और हल्के चार पहिया वाहन चलाने वालों को होगा। गुरुवार को ट्रेनें दोनों ट्रैकों पर चलीं। ट्रैक पर काम न होने की वजह से रेलवे ट्रैफिक बिना बाधा के चलता रहा। काम चलने के कारण ट्रेन धीमी गति से निकली।
पिपरिया। डाउन ट्रैक के नीचे बॉक्स फिट करती मशीन।